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जाते-जाते भी बरसेंगे बादल; भागलपुर समेत पूर्वी बिहार में अगले 24 घंटे हल्की बारिश के आसार, गरज-चमक का येलो अलर्ट

Published: Thu, 08 Oct 2026 02:38 PM (IST)

मानसून की वापसी के बावजूद, भागलपुर सहित पूर्वी बिहार में अगले 24 घंटों के दौरान हल्के से मध्यम बादल छाए ...और पढ़ें

भागलपुर शहर के ऊपर घिरते मानसूनी बादल और हल्की बूंदाबांदी

भागलपुर शहर के ऊपर घिरते मानसूनी बादल और हल्की बूंदाबांदी

HighLights

  1. भागलपुर सहित पूर्वी बिहार में हल्की बारिश की संभावना।

  2. अगले 24 घंटे गरज-चमक के साथ बादल छाए रहेंगे।

  3. मानसून वापसी के बावजूद स्थानीय नमी से बारिश।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी रेखा बिहार के कई हिस्सों को पार करते हुए लगातार आगे बढ़ रही है, लेकिन विदाई की बेला में भी मौसम पूरी तरह शुष्क होने को तैयार नहीं है। भागलपुर सहित समूचे पूर्वी बिहार में अगले 24 घंटे के दौरान आसमान में हल्के से मध्यम बादल छाए रहने तथा गरज-चमक के साथ छिटपुट हल्की वर्षा होने की प्रबल संभावना बनी हुई है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, भले ही मानसून की समग्र सक्रियता काफी शिथिल हो चुकी है, लेकिन वायुमंडल के निचले स्तर पर नमी के बने रहने और हवा के अभिसरण (कन्वर्जेंस) के चलते स्थानीय स्तर पर बारिश का अनुकूल सिस्टम सक्रिय है।

मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, मानसून की वापसी रेखा सुपौल, रांची, रायपुर, ब्रह्मपुरी, परभणी, बारामती और हरनाई से होकर गुजर रही है। वापसी रेखा के आगे बढ़ने से राज्य भर में मानसूनी हवाओं का प्रभाव धीरे-धीरे कमजोर पड़ता जा रहा है। इसके बावजूद पूर्वी बिहार की स्थानीय भौगोलिक और मौसमी परिस्थितियों के कारण वर्षा की गतिविधियां पूरी तरह थमी नहीं हैं।

चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइन से वातावरण में नमी बरकरार

मौसम विभाग के विश्लेषण के मुताबिक, वर्तमान में मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में एक पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ के रूप में सक्रिय है। इसकी धुरी समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर 74 डिग्री पूर्व देशांतर के पास 32 डिग्री उत्तर में बनी हुई है। इसके साथ ही, दक्षिण झारखंड और उसके आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी हवा का एक चक्रवाती परिसंचरण करीब 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक प्रभावी है।

इसके अतिरिक्त, उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश से उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा होते हुए उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ लाइन 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर फैली हुई है। इन बहुस्तरीय मौसमी प्रणालियों के परस्पर प्रभाव से वातावरण के निचले स्तर पर लगातार नमी का प्रवाह हो रहा है, जिससे बादलों का निर्माण होकर स्थानीय स्तर पर बौछारें पड़ रही हैं।

धूप के बीच अचानक बन सकते हैं बादल, नहीं होगी भारी बारिश

भागलपुर जिले में इस मौसमी बदलाव का प्रभाव मुख्य रूप से खंडित या छिटपुट बारिश के रूप में सामने आएगा। दिन के समय कुछ इलाकों में तेज धूप निकलने के बाद अचानक घने काले बादल उमड़ सकते हैं और गरज-चमक के साथ कुछ देर के लिए हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।

मौसम विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी व्यापक या अनवरत भारी बारिश की संभावना नहीं है। आने वाले तीन से चार दिनों में जैसे-जैसे नमी का स्तर कम होगा, आसमान पूरी तरह साफ होने लगेगा और सुबह-शाम हल्की गुलाबी ठंडक की दस्तक के साथ मौसम के पूरी तरह शुष्क होने का मार्ग प्रशस्त होगा।

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