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केरल के बड़े ड्रग सिंडिकेट का ब‍िहार में भंडाफोड़, भागलपुर से 3 तस्कर को 144 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर ले गई पुलिस

Published: Tue, 15 Sep 2026 08:49 AM (IST)

Bhagalpur Kerala Drug Trafficking Case: केरल में 13 किलोग्राम से अधिक एमडीएमए ड्रग्स बरामदगी मामले के तार अब बिहार के ...और पढ़ें

Bhagalpur Kerala Drug Trafficking Case: केरल के करोड़ों के सिंथेटिक ड्रग सिंडिकेट से जुड़े तार; भागलपुर से 3 शातिर तस्कर गिरफ्तार, 144 घंटे की ट्रांजिट रिमांड

Bhagalpur Kerala Drug Trafficking Case: केरल के करोड़ों के सिंथेटिक ड्रग सिंडिकेट से जुड़े तार; भागलपुर से 3 शातिर तस्कर गिरफ्तार, 144 घंटे की ट्रांजिट रिमांड

HighLights

  1. केरल में 13 किलो से अधिक एमडीएमए ड्रग्स बरामदगी का मामला।

  2. भागलपुर से तीन अंतरराज्यीय ड्रग तस्करों की गिरफ्तारी हुई।

  3. केरल एसआईटी ने 144 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर लिया।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Kerala Drug Trafficking Case: केरल में विगत 26 जून और छह अगस्त को बरामद 13 किलोग्राम से अधिक अति-घातक सिंथेटिक ड्रग 'मेथिलीनडाई-ऑक्सी-मेथामफेटामीन' (MDMA) सिंडिकेट के तार अब सीधे बिहार के भागलपुर से जुड़ गए हैं। केरल के मल्लपुरम जिला अंतर्गत कोंडोट्टी थाने की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने भागलपुर पुलिस के सहयोग से जोगसर और तातारपुर थाना क्षेत्रों में संयुक्त छापेमारी कर तीन अंतरराज्यीय ड्रग तस्करों को धर दबोचा।

पकड़े गए तस्करों की पहचान मुहम्मद हैरिस, मुहम्मद सलाउद्दीन और अखिल जॉय के रूप में हुई है, जो सभी मूल रूप से केरल के विभिन्न जिलों के रहने वाले हैं। सोमवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) की अदालत में केरल एसआईटी के इंस्पेक्टर संगीत पुनाथिल की ओर से दाखिल ट्रांजिट रिमांड अर्जी पर सुनवाई हुई। अदालत ने तीनों अभियुक्तों को 144 घंटे (6 दिन) की ट्रांजिट रिमांड पर सौंपने का आदेश दिया, जिसके बाद केरल पुलिस तीनों को सुरक्षित अभिरक्षा में लेकर केरल रवाना हो गई।

आदमपुर में परिचित के यहां छिपे थे, 36 घंटे चला सर्च ऑपरेशन

केरल पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के पूर्व में पकड़े गए 6 तस्करों के इकबालिया बयान और तकनीकी सर्विलांस से खुलासा हुआ कि मुख्य सरगना हैरिस पश्चिम बंगाल में पुलिस को चकमा देकर बिहार के भागलपुर में आ छिपा है। वह आदमपुर और आसपास के इलाकों में नौकरी करने वाले अपने केरल मूल के परिचितों के यहां पनाह लिए हुए था। केरल एसआईटी ने भागलपुर के एसएसपी प्रमोद कुमार यादव से संपर्क साधा।

एसएसपी के निर्देश पर जोगसर थानाध्यक्ष विनोद कुमार और तातारपुर थानाध्यक्ष विनोद कुमार की पुलिस टीम ने केरल एसआईटी के साथ संयुक्त अभियान चलाया। करीब 36 घंटे की सघन घेराबंदी के बाद 13 सितंबर की देर रात जोगसर से दो और तातारपुर से एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

  • केरल में 13 किलोग्राम से अधिक घातक सिंथेटिक ड्रग्स (MDMA) बरामदगी मामले के तार भागलपुर से जुड़े; मल्लपुरम SIT ने की बड़ी कार्रवाई

  • जोगसर व तातारपुर थाना क्षेत्र में 36 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद केरल निवासी तीन अंतरराज्यीय तस्कर हैरिस, सलाउद्दीन और अखिल जॉय गिरफ्तार

  • पश्चिम बंगाल में पुलिस को झांसा देकर भागलपुर के आदमपुर में आकर छिपे थे तस्कर; 8 मोबाइल, लैपटॉप, मॉडम व डेबिट कार्ड बरामद

  • सीजेएम कोर्ट भागलपुर ने केरल पुलिस को 144 घंटे की ट्रांजिट रिमांड दी; देर शाम तीनों आरोपियों को लेकर केरल रवाना हुई टीम

तलाशी के दौरान तस्कर सलाउद्दीन और हैरिस के पास से 8 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, इंटरनेट मॉडम और डेबिट कार्ड जब्त किए गए। पूछताछ में स्पष्ट हुआ कि हैरिस और सलाउद्दीन इस पूरे नशे के कारोबार में बराबर के साझीदार हैं और इनके बीच सैकड़ों बार मोबाइल और इंटरनेट कॉलिंग के जरिए बातचीत हुई थी। हैरिस ही केरल में गिरफ्तार तस्करों को व्हाट्सऐप पर लोकेशन भेजकर माल की डिलीवरी और बिक्री का नेटवर्क ऑपरेट कर रहा था।

Bhagalpur Drug Bust Kerala MDMA Syndicate Kingpins Arrested (1)

केरल में लग्जरी कार और मॉल के फ्लैट से मिला था करोड़ों का ड्रग्स

जांच टीम के अनुसार, यह गिरोह देश भर में प्रतिबंधित ड्रग्स की आपूर्ति करता है। विगत 6 अगस्त को केरल के मंजेरी लैडर मॉल के 8वें फ्लोर पर स्थित रूम नंबर 8802 से 97.71 ग्राम सिंथेटिक ड्रग और 3.80 लाख रुपये नकद बरामद हुए थे। इसके बाद हैप्पी लॉज के परिसर में खड़ी एक सफेद इनोवा क्रिस्टा कार की तलाशी लेने पर 12.312 किलोग्राम सिंथेटिक ड्रग्स बरामद किया गया था। इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह के तार अब भागलपुर से जुड़ने के बाद स्थानीय स्तर पर भी जांच एजेंसियां सतर्क हो गई हैं कि कहीं बिहार में भी इस खतरनाक ड्रग्स का नेटवर्क तो नहीं फैलाया जा रहा था।

जानिए कितना जानलेवा है 'MDMA' या 'एक्स्टसी मॉली'

मेथिलीनडाई-ऑक्सी-मेथामफेटामीन (MDMA) एक अत्यंत घातक केमिकल सिंथेटिक ड्रग है, जिसे नशीली दवाओं के अवैध बाजार में 'एक्स्टसी' या 'मॉली' के नाम से जाना जाता है। गांजा या चरस जैसे प्राकृतिक मादक पदार्थों से इतर इसे रासायनिक प्रयोगशालाओं में तैयार किया जाता है। यह बाजार में सफेद पाउडर, रंगीन गोलियों और कैप्सूल के रूप में खपाया जाता है।

  • स्वास्थ्य पर असर: इसके सेवन से शरीर में अत्यधिक उत्तेजना महसूस होती है, लेकिन कुछ ही देर में यह अत्यधिक तेज बुखार, दिल की धड़कन अनियंत्रित होने, मल्टीपल ऑर्गन/किडनी फेलियर और तत्काल मौत का कारण बन जाता है।

  • कठोर कानून: एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत इस ड्रग का 10 ग्राम से अधिक मिलना ही 'व्यावसायिक मात्रा' (कमर्शियल क्वांटिटी) माना जाता है, जिसमें 10 से 20 वर्ष तक के कठोर कारावास और भारी जुर्माने का कड़ा कानूनी प्रावधान है।