MDM पंजी लेकर कार्यालय नहीं पहुंचे 5 हेडमास्टर, भागलपुर DPO का कड़ा एक्शन! 24 घंटे में जवाब तलब, मचा हड़कंप
भागलपुर में मध्याह्न भोजन योजना के रिकॉर्ड के साथ उपस्थित न होने पर 5 प्राथमिक विद्यालयों के प्रभारी प्रधानाध्यापकों पर ...और पढ़ें

भागलपुर के गोपालपुर में मध्याह्न भोजन पंजी लेकर कार्यालय नहीं पहुंचे 5 हेडमास्टर
HighLights
5 प्रधानाध्यापक मध्याह्न भोजन पंजी के साथ अनुपस्थित रहे।
डीपीओ महेश प्रसाद ने कारण बताओ नोटिस जारी किया।
24 घंटे में स्पष्टीकरण और 28 सितंबर को उपस्थिति अनिवार्य।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। जिले के प्राथमिक विद्यालयों में मध्याह्न भोजन (पीएम पोषण) योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही और मनमानी बरतने वाले शिक्षकों पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। गोपालपुर प्रखंड अंतर्गत पांच प्राथमिक विद्यालयों के प्रभारी प्रधानाध्यापकों को मध्याह्न भोजन योजना से संबंधित सभी पंजियों के साथ जिला कार्यालय तलब किया गया था, लेकिन वे बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहे।
वरीय पदाधिकारी के आदेश की इस खुली अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए डीपीओ पीएम पोषण योजना महेश प्रसाद ने पांचों प्रभारी प्रधानाध्यापकों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस (स्पष्टीकरण) जारी किया है।
गोपालपुर MDM पंजी विवाद
मामला: मध्याह्न भोजन (MDM) योजना से संबंधित पंजियों की जांच से गैरहाजिर रहना।
कार्रवाईकर्ता अधिकारी: महेश प्रसाद (डीपीओ, पीएम पोषण योजना, भागलपुर)।
तलब की तारीख व समय: 26 सितंबर, दोपहर 2:00 बजे।
नोटिस जारी होने की मियाद: 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण।
नई तारीख: 28 सितंबर (सभी पंजियों के साथ अनिवार्य उपस्थिति)।
आरोपित 5 प्राथमिक विद्यालय:
प्राथमिक विद्यालय मुस्लिम टोला पचगछिया
प्राथमिक विद्यालय गाछी टोला अभिया
प्राथमिक विद्यालय बीरू टोला अभिया
प्राथमिक विद्यालय हरिजन यादव टोला कालुचक
प्राथमिक विद्यालय करचीरा
डीपीओ द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, गोपालपुर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय मुस्लिम टोला पचगछिया, प्राथमिक विद्यालय गाछी टोला अभिया, प्राथमिक विद्यालय बीरू टोला अभिया, प्राथमिक विद्यालय हरिजन यादव टोला कालुचक और प्राथमिक विद्यालय करचीरा के प्रभारी प्रधानाध्यापकों को 26 सितंबर को दोपहर 2:00 बजे जिला कार्यालय स्थित मध्याह्न भोजन योजना कार्यालय में सभी अभिलेखों व पंजियों के साथ उपस्थित होने का लिखित निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद निर्धारित समय पर पांचों प्रधानाध्यापकों में से कोई भी उपस्थित नहीं हुआ।
अनुशासनहीनता और कार्य में उदासीनता पर बिफरा विभाग
डीपीओ महेश प्रसाद ने पत्र में कड़े शब्दों में कहा है कि जिला स्तरीय वरीय पदाधिकारी के आदेश का पालन न करना शासकीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता का स्पष्ट प्रमाण है। मध्याह्न भोजन योजना सीधे तौर पर नौनिहालों के पोषण और सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता से जुड़ी है, ऐसे में पंजियों की जांच से भागना कई तरह के गंभीर संदेहास्पद सवाल खड़े करता है।
24 घंटे का अल्टीमेटम, 28 सितंबर को हाजिर होने का अंतिम मौका
विभाग ने सभी संबंधित पांचों प्रभारी प्रधानाध्यापकों को सख्त निर्देश दिया है कि वे पत्र प्राप्ति के 24 घंटे के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें कि क्यों न उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की जाए। इसके साथ ही उन्हें आगामी 28 सितंबर को मध्याह्न भोजन योजना से संबंधित तमाम अद्यतन पंजियों व वाउचर के साथ व्यक्तिगत रूप से कार्यालय में उपस्थित होने का अंतिम अवसर दिया गया है।
डीपीओ ने गोपालपुर के प्रखंड साधनसेवी (BRP) को भी निर्देश दिया है कि वे संबंधित प्रधानाध्यापकों को अविलंब यह पत्र तामिला कराएं और 24 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट जिला कार्यालय को समर्पित करें। समय पर जवाब और अभिलेख प्रस्तुत न करने की स्थिति में संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक और वित्तीय कार्रवाई तय मानी जा रही है।
