सुबह 11 बजे तक MDM रिपोर्ट न देने पर नपेंगे 171 हेडमास्टर! भागलपुर डीपीओ ने थमाया नोटिस, साधनसेवियों को चेतावनी
Bhagalpur Mid Day Meal Action: भागलपुर में प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत मध्याह्न भोजन का दैनिक डेटा ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर ...और पढ़ें

Bhagalpur Mid Day Meal Action: ई-शिक्षाकोष पर एमडीएम डेटा दर्ज न करने पर भागलपुर के 171 स्कूलों को नोटिस, 24 घंटे में मांगा जवाब
HighLights
171 प्रधानाध्यापकों को एमडीएम डेटा देरी पर नोटिस जारी।
24 घंटे में साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण देने का निर्देश।
समय पर डेटा न देने पर राशि कटौती, कार्रवाई होगी।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Mid Day Meal Action: प्रधानमंत्री पोषण (मध्याह्न भोजन) योजना के तहत लाभान्वित बच्चों की दैनिक संख्या ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर समय से दर्ज नहीं करने वाले लापरवाह विद्यालयों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने तय समय-सीमा का उल्लंघन करने वाले जिले के 171 प्राथमिक और मध्य विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों व प्रभारी प्रधानाध्यापकों पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
योजना के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) महेश प्रसाद ने संबंधित सभी स्कूलों के प्रधानों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 24 घंटे के भीतर साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का सख्त निर्देश दिया है। विभागीय समीक्षा के दौरान यह गंभीर अनियमितता सामने आई कि जिले के दर्जनों विद्यालयों द्वारा प्रत्येक कार्यदिवस को सुबह 11:00 बजे तक लाभान्वित छात्र-छात्राओं का सही आंकड़ा पोर्टल पर प्रविष्ट नहीं किया जा रहा है।
प्रत्येक कार्यदिवस सुबह 11 बजे तक ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर एमडीएम लाभार्थी बच्चों का डेटा दर्ज करना अनिवार्य
लापरवाही बरतने वाले जिले के 16 प्रखंडों और नगर निगम क्षेत्र के 171 प्रधानाध्यापकों से 24 घंटे में स्पष्टीकरण तलब
देर से डेटा अपलोड करने पर केंद्र स्तर से आंकड़े हो सकते हैं निरस्त, संबंधित दिन की एमडीएम राशि की होगी कटौती
स्पष्टीकरण के साथ नोट कैम फोटो, पंजी की छायाप्रति और स्क्रीनशॉट साक्ष्य के रूप में देना होगा अनिवार्य
डीपीओ ने स्पष्ट किया है कि भारत सरकार के नियमों के तहत सुबह 11 बजे के बाद दर्ज किए गए आंकड़ों को अमान्य या निरस्त घोषित किया जा सकता है। ऐसे में जिस दिन का डेटा समय पर अपलोड नहीं होगा, उस दिन की मध्याह्न भोजन की परिवर्तन लागत (कन्वर्जन कॉस्ट) और खाद्यान्न राशि में कटौती कर दी जाएगी।
जिले के 16 प्रखंडों और नगर निगम के स्कूल शामिल
जांच के दायरे में आए 171 विद्यालय जिले के लगभग सभी अंचलों में फैले हैं। इनमें सन्हौला, जगदीशपुर, सुलतानगंज, नगर निगम क्षेत्र, गोपालपुर, कहलगांव, सबौर, नारायणपुर, गोराडीह, बिहपुर, रंगराचौक, इस्माईलपुर, नवगछिया, खरीक, नाथनगर, पीरपैंती और शाहकुंड प्रखंडों के स्कूल शामिल हैं। विभाग की इस सख्त कार्रवाई से लापरवाह हेडमास्टरों में हड़कंप मचा हुआ है।
नोट कैम फोटो और पंजी की प्रति साक्ष्य में देना जरूरी
डीपीओ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि केवल लिखित जवाब से काम नहीं चलेगा। सभी संबंधित विद्यालयों को स्पष्टीकरण के साथ मध्याह्न भोजन संचालन से जुड़े ठोस प्रमाण भी संलग्न करने होंगे। इसके तहत भोजन वितरण पंजी (रजिस्टर) की हस्ताक्षरित छायाप्रति, नोट कैम (जिसमें अक्षांश, देशांतर, तिथि और समय अंकित हो) से खींची गई वास्तविक फोटो तथा मोबाइल स्क्रीनशॉट अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा। यदि तय 24 घंटे के भीतर संतोषजनक उत्तर और साक्ष्य नहीं दिए गए, तो यह मान लिया जाएगा कि प्रधान को अपने बचाव में कुछ नहीं कहना है और उनके विरुद्ध सीधे अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा कर दी जाएगी।
प्रखंड साधनसेवियों (बीआरपी) पर भी गिरेगी गाज
शिक्षा विभाग ने विद्यालयों की मॉनिटरिंग में ढिलाई बरतने वाले सभी प्रखंड साधनसेवियों (बीआरपी) को भी कड़ी फटकार लगाई है। उन्हें अपने-अपने प्रखंडों में शत-प्रतिशत विद्यालयों से समय पर पोर्टल पर डेटा इंट्री सुनिश्चित कराने का दायित्व सौंपा गया है। लापरवाही पाए जाने पर साधनसेवियों से भी 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही निर्देश दिया गया है कि सुबह 11 बजे के बाद उपस्थिति दर्ज कराने वाले विद्यालयों की उस दिन की राशि काटकर ही एमआईएस पोर्टल पर अंतिम डेटा प्रविष्ट किया जाए।
