जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर के चिकित्‍सक अपने 17 सूत्रों मांग को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं। जिले भर के सभी अस्‍पताल में इलाज बंद कर दिया है। मरीज बिना इलाज कराए वापस लौट रहे हैं। गंभीर रूप से बीमार मीरजों का इलाज इमरजेंसी में किया जा रहा है।  

जानकारी के अनुसार, 17 सूत्री मांग को लेकर गुरुवार को चिकित्सकों ने हड़ताल की। सदर अस्पताल समेत जिले स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी मरीजों का इलाज नही हुआ। जिले में करीब नौ सौ मरीज बिना इलाज के सदर अस्‍पताल से वापस लौट गए। सदर अस्पताल में केवल 25 मरीजों का रजिस्ट्रेशन किया गया। गम्भीर मरीजों का इलाज इमरजेंसी में किया गया।

हड़ताल का आह्वान बिहार हेल्थ सर्विसेस एसोसिएशन ने किया है। इनकी मुख्य मांगों में बायोमेट्रिक प्रणाली से हाजिरी नही बनाने, चिकित्सकों की कमी में एक चिकित्सक को 24 घंटे ड्यूटी देना बंद करने, आयुष चिकित्सकों को नियुक्त करने आदि मांगे शामिल हैं। हड़ताल की वजह से सदर अस्पताल के ओपीडी में चिकित्सक नहीं बैठे हैं। प्रतिदिन करीब 400 मरीजों का इलाज ओपीडी में किया जाता है।

खगड़िया में चिकित्सकों के संघ भासा के राज्य व्यापी आह्वान पर सदर अस्पताल समेत सभी सीएचसी और पीएचसी में आउटडोर सेवा आज बंद रही। जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सदर अस्पताल के आउटडोर में प्रतिदिन औसतन 500 से 600 मरीजों का इलाज होता है। सभी अस्पतालों में इमरजेंसी सेवा बहाल है।

छत पर सो रही महिला को सर्प ने डसा

संवाद सूत्र, बेलदौर (खगड़िया)।: बेलदौर में एक महिला को सर्प ने डस लिया। जिसे स्वजनों ने आनन-फानन में इलाज के लिए बेलदौर पीएचसी में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया है। घटना बुधवार की रात को घटित हुई। जानकारी के मुताबिक बेलदौर निवासी नविता कुमारी छत पर सोई हुई थी। इस दौरान पेट में विषैले सर्प ने डस लिया। जिन्हें स्वजनों ने बेलदौर पीएचसी लाया। यहां से प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें रेफर कर दिया गया। मालूम हो कि बेलदौर प्रखंड क्षेत्र में लगातार सर्प दंश की घटना घट रही है।

Edited By: Dilip Kumar shukla

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट