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बाढ़ का दर्द बांटने पानी में उतरीं भागलपुर DM अलंकृता पाण्डेय! पैदल नापा सैलाब; बोलीं- बुजुर्गों को घर पर जाकर दें भोजन

Published: Thu, 10 Sep 2026 08:41 AM (IST)

Bhagalpur Flood Ground Reality: भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और खुद पानी में ...और पढ़ें

Bhagalpur Flood Ground Reality: बाढ़ के पानी में पैदल उतरकर फरका-शंकरपुर पहुंचीं DM अलंकृता पाण्डेय, 80 पार बुजुर्गों को घर पर मिलेगा भोजन

Bhagalpur Flood Ground Reality: बाढ़ के पानी में पैदल उतरकर फरका-शंकरपुर पहुंचीं DM अलंकृता पाण्डेय, 80 पार बुजुर्गों को घर पर मिलेगा भोजन

HighLights

  1. DM ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का पैदल दौरा किया।

  2. सामुदायिक रसोई में भोजन की गुणवत्ता परखी, समय तय किया।

  3. 80+ बुजुर्गों को घर पर भोजन पहुंचाने का निर्देश दिया।

ललन त‍िवारी, भागलपुर। जिले में गंगा और सहायक नदियों की बाढ़ से उपजी विषम परिस्थितियों के बीच प्रशासनिक अमले की मुस्तैदी परखने के लिए भागलपुर की जिलाधिकारी (डीएम) अलंकृता पाण्डेय खुद मैदानी मोर्चे पर उतरीं। राहत और बचाव कार्यों की वास्तविक जमीनी हकीकत जानने के लिए वे प्रशासनिक गाड़ियों का काफिला छोड़कर खुद बाढ़ के गंदे पानी में उतर गईं। उन्होंने सबौर अंचल अंतर्गत फरका पंचायत और शंकरपुर गांव में बाढ़ के पानी के बीच लंबी दूरी तक पैदल चलकर जलमग्न घरों और विस्थापित परिवारों का हाल जाना।

निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने सीधे प्रभावित ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद वे सीधे इलाके में संचालित सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) पहुंचीं। वहां उन्होंने पीड़ितों को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और वितरण व्यवस्था की गहन पड़ताल की।

Bhagalpur DM Alankrita Pandey Inspects Flood Relief Efforts (1)

खाने की थाली की गुणवत्ता देखने के साथ ही उन्होंने भोजन कर रहे बाढ़ पीड़ितों से भी व्यवस्था को लेकर सीधी राय ली। भोजन स्थल पर अव्यवस्था न हो, इसके लिए उन्होंने अंचल अधिकारी (सीओ) को तत्काल भोजन केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में टेबल-कुर्सी और बैठने के समुचित प्रबंध करने का निर्देश दिया।

तय समय पर मिले खाना, 80 पार बुजुर्गों को घर पहुंचेगा भोजन

जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में हिदायत दी कि आपदा के इस संकटकाल में किसी भी बाढ़ पीड़ित को भूखा न रहना पड़े और हर हाल में उन्हें पौष्टिक व स्वच्छ भोजन मिले। उन्होंने सामुदायिक रसोई के संचालन का समय निर्धारित करते हुए निर्देश दिया कि सुबह का भोजन हर हाल में 9:00 से 11:00 बजे तक और रात का खाना शाम 7:00 से 10:00 बजे के बीच वितरित हो जाना चाहिए। साथ ही प्रतिदिन कितने लाभार्थियों ने भोजन किया, इसका पूरा डिजिटल और भौतिक रिकॉर्ड पारदर्शी तरीके से संधारित करने को कहा।

  • भागलपुर जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय खुद बाढ़ के पानी में उतरकर पैदल पहुंचीं सबौर अंचल की फरका पंचायत और शंकरपुर

  • कम्युनिटी किचन में खुद परखी भोजन की गुणवत्ता; सुबह 9 से 11 और शाम 7 से 10 बजे तक खाना परोसने का तय किया समय

  • 80 वर्ष से अधिक आयु के असहाय बुजुर्गों को घर पर ही डिब्बे में भोजन उपलब्ध कराने का सीओ को दिया सख्त निर्देश

  • प्रभावित परिवारों को तत्काल पॉलिथीन शीट व राहत सामग्री बांटने और केंद्रों पर टेबल-कुर्सी की व्यवस्था दुरुस्त करने के आदेश

संवेदनशीलता का परिचय देते हुए डीएम ने अधिकारियों को विशेष निर्देश दिया कि 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के ऐसे बुजुर्ग, जो लाचार हैं या पानी लांघकर शिविरों तक नहीं पहुंच सकते, उन्हें चिह्नित कर उनके घरों तक सामुदायिक रसोई का ताजा भोजन सुरक्षित पहुंचाया जाए।

राहत सामग्री में न हो देरी, मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की नसीहत

बाढ़ प्रभावित परिवारों की छत और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए डीएम ने निर्देश दिया कि सभी विस्थापितों को पर्याप्त संख्या में अच्छी गुणवत्ता वाली पॉलिथीन शीट (तिरपाल) तुरंत उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने मातहत अधिकारियों और कर्मियों को सख्त लहजे में चेताया कि राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि राहत और बचाव कार्य केवल एक सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि एक मानवीय सेवा है। अधिकारी पूरी तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ हर जरूरतमंद तक पहुंचें और शिविरों में चिकित्सा, शुद्ध पेयजल व ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें।