जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur CoronaVirus Vaccination :  जिले के नौ स्वास्थ्य केंद्रों में कोरोना का टीका लगाने के लिए रजिस्ट्रेशन में फर्जीवाड़ा का मामला सुलझा भी नहीं था कि अब जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) में एक और मामला सामने आ गया है। अस्पताल में एक दर्जन से अधिक स्वास्थ्य कर्मचारियों ने रजिस्ट्रेशन में फर्जी तरीके से नाम अंकित करवाकर अपनी पत्नी और पति को भी कोरोना के टीके लगवा लिए हैं।

नियमत: पहले चरण में सिर्फ स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीके लगाए जाने थे, लेकिन रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी कर कर्मचारियों ने अपने पति और पत्नी को भी टीके लगवा दिए। इनमें स्वास्थ्य कर्मचारी, एंबुलेंस चालक, चिकित्सक और स्वास्थ्य प्रबंधक भी शामिल हैं।

डेटा ऑपरेटर ने किए थे रजिस्ट्रेशन

कोरोना का टीका लगाने से पूर्व स्वास्थ्य कर्मचारियों का रजिस्ट्रेशन किया गया था। उनका आइडी प्रमाण पत्र के साथ मोबाइल फोन नंबर भी भेजे गए थे। जेएलएनएमसीएच के कर्मचारियों का रजिस्ट्रेशन अस्पताल के डेटा ऑपरेटर द्वारा ही किया गया। इसके बावजूद स्वास्थ्य कर्मचारियों के पति या पत्नी का रजिस्ट्रेशन किया गया। बताया जाता है कि अस्पताल में दो स्वास्थ्य प्रबंधकों की पत्नियां और पति का भी रजिस्ट्रेशन किया गया। इसके अलावा एंबुलेंस चालक के परिवार के सदस्य भी शामिल हैं। उन्हें भी कोरोना का टीका लगा दिया गया। इतना ही नहीं सरकारी निर्देश की अवहेलना करते हुए कुछ चिकित्सक की पत्नियों और पुत्रों को भी टीके लगाए गए हंै।

अगर गैर स्वास्थ्य कर्मचारी को टीके लगाए गए हैं तो गलत है। ऐसा नहीं होना चाहिए। इस संबंध में जानकारी ली जाएगी। मामले की जांच कराई जाएगी। - डॉ. अशोक भगत, अस्पताल अधीक्षक, जेएलएनएमसीएच  

ऐसे रजिस्ट्रेशन करना सरकार को धोखा देना है। जब रजिस्ट्रेशन होगा तो टीके भी पड़ेंगे। मैंने स्वयं कोरोना का टीका लिया, लेकिन पत्नी का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया। रजिस्ट्रेशन में फर्जीवाड़ा करना गलत है। - डॉ. हेमंत कुमार सिन्हा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज

 

- दो साल पूर्व रिटायर्ड स्वास्थ्य कर्मचारी ने भी लगवाया टीका

- चिकित्सक की पत्नी और पुत्रों को भी दिए गए टीके

- रजिस्ट्रेशन में फर्जीवाड़ा कर नाम किया गया अंकित

 

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