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3 लाख में दी थी भाजपा नेता की सुपारी! भागलपुर पुलिस ने शूटर और लाइनर को दबोचा, पूर्व पार्षद ने रची थी खूनी साजिश

Published: Fri, 18 Sep 2026 10:55 AM (IST)

Bhagalpur BJP Leader Uma Bhushan Tanti Murder Case Solved: भागलपुर पुलिस ने भाजपा नेता उमा भूषण तांती हत्याकांड की गुत्थी ...और पढ़ें

Bhagalpur BJP Leader Uma Bhushan Tanti Murder Case Solved: भाजपा नेता उमा भूषण तांती हत्याकांड का पर्दाफाश; शूटर अक्षय यादव और लाइनर सुमन गिरफ्तार, 3 लाख में दी गई थी सुपारी

Bhagalpur BJP Leader Uma Bhushan Tanti Murder Case Solved: भाजपा नेता उमा भूषण तांती हत्याकांड का पर्दाफाश; शूटर अक्षय यादव और लाइनर सुमन गिरफ्तार, 3 लाख में दी गई थी सुपारी

HighLights

  1. भाजपा नेता उमा भूषण तांती हत्याकांड की गुत्थी सुलझी।

  2. मुख्य शूटर अक्षय यादव और लाइनर सुमन कुमार गिरफ्तार।

  3. पूर्व पार्षद शशि मोदी ने 3 लाख में दी थी सुपारी।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur BJP Leader Uma Bhushan Tanti Murder Case Solved:  भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के श्रीनारायण साह मंडल अध्यक्ष उमा भूषण तांती उर्फ पप्पू तांती की सनसनीखेज हत्या की गुत्थी को भागलपुर पुलिस ने महज सात दिनों के भीतर सुलझा लिया है। हत्याकांड को अंजाम देने वाले मुख्य भाड़े के शूटर अक्षय यादव उर्फ नरेश उर्फ नीतीश और रेकी करने वाले लाइनर सुमन कुमार को विशेष जांच दल (एसआईटी) ने दबोच लिया है।

वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमोद कुमार यादव और नगर पुलिस अधीक्षक (सिटी एसपी) अतुलेश झा के सीधे निर्देशन में गठित एसआईटी ने गुरुवार की देर रात मुंगेर जिले के सीताकुंड में छापेमारी कर शूटर अक्षय यादव को गिरफ्तार किया, जबकि लाइनर सुमन कुमार को कुतूबगंज इलाके से पकड़ा गया।

पुलिस ने गिरफ्तार शूटर अक्षय यादव के पास से हत्या में प्रयुक्त पिस्तौल और एक धारदार गुप्ति बरामद की है। वहीं लाइनर सुमन कुमार के पास से वह मोबाइल फोन जब्त किया गया है, जिसके जरिए वारदात के वक्त शूटरों को पल-पल की लोकेशन दी जा रही थी। सत्ताधारी दल के नेता की दिनदहाड़े हत्या के इस मामले पर पुलिस मुख्यालय भी लगातार नजर बनाए हुए था।

  • भागलपुर पुलिस ने एक सप्ताह के भीतर भाजपा श्रीनारायण साह मंडल अध्यक्ष उमा भूषण तांती उर्फ पप्पू तांती हत्याकांड का किया सफल उद्भेदन

  • मुंगेर के सीताकुंड से मुख्य शूटर अक्षय यादव और कुतूबगंज से लाइनर सुमन कुमार को विशेष जांच दल (SIT) ने किया गिरफ्तार

  • पूर्व पार्षद व भाजपा नेता शशि मोदी ने 3 लाख रुपये में तय की थी सुपारी; शूटर के पास से पिस्तौल व गुप्ति और लाइनर से मोबाइल बरामद

  • काली मंदिर निर्माण समिति में वर्चस्व और राजनीतिक रंजिश के चलते 11 सितंबर को कुतूबगंज कुम्हार टोली के पास की गई थी हत्या

पुलिस इस मामले में साजिशकर्ता मुख्य आरोपित पूर्व पार्षद शशि मोदी की पत्नी वार्ड 51 की पार्षद दीपिका कुमारी को घटना के तीसरे दिन ही जेल भेज चुकी है। चौतरफा पुलिसिया दबिश के चलते मुख्य साजिशकर्ता शशि मोदी पूर्व में ही न्यायालय में आत्मसमर्पण कर चुका है, जबकि उसके मौसेरे साढ़ू समेत तीन अन्य मददगारों को पहले ही सलाखों के पीछे पहुंचाया जा चुका है।

तीन लाख रुपये में तय हुआ था कत्ल का सौदा

एसआईटी की पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि भाजपा नेता उमा भूषण तांती को रास्ते से हटाने के लिए पूर्व पार्षद शशि मोदी ने शूटर अक्षय यादव के साथ तीन लाख रुपये में हत्या की सुपारी का सौदा तय किया था। जांच में सामने आया है कि शूटर अक्षय पहले भागलपुर में सामान्य वाहन चालक (ड्राइवर) के रूप में कार्य करता था, लेकिन बाद में जरायम की दुनिया में कदम रखकर भाड़े पर हत्याएं करने वाले गिरोह से जुड़ गया।

11 सितंबर को कुतूबगंज कुम्हार टोली में बरसाई थीं गोलियां

उल्लेखनीय है कि बीते 11 सितंबर को बबरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत कुतूबगंज कुम्हार टोली के समीप सुबह करीब दस बजे उस वक्त दहशत फैल गई थी, जब बाइक सवार दो शूटरों ने भाजपा मंडल अध्यक्ष उमा भूषण तांती पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दी थीं। उमा अपने भतीजे अंकित के साथ ग्लैमर बाइक से जा रहे थे। वारदात के चश्मदीद मृतक के छोटे भाई अरविंद तांती ने बताया था कि शशि मोदी का भांजा कृष्णा मोदी उर्फ किशन मोदी और एक अन्य शूटर चेहरे पर गमछा बांधे घात लगाए खड़े थे।

गोली लगने के बाद गंभीर रूप से घायल उमा को जब आनन-फानन में जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (मायागंज) ले जाया जा रहा था, तब उन्होंने रास्ते में परिजनों को बताया था कि पुरानी रंजिश के चलते शशि मोदी ने अपने भांजे कृष्णा के साथ साजिश रचकर उन पर हमला करवाया है। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।

[सब-हेडिंग: काली मंदिर समिति और राजनीतिक रंजिश बनी कत्ल की वजह]

परिजनों के अनुसार, उमा भूषण तांती से पहले शशि मोदी ही भाजपा मंडल अध्यक्ष था, लेकिन सरकारी नौकरी लग जाने के बाद उसे पद छोड़ना पड़ा था। इसके बाद उमा भूषण तांती मंडल अध्यक्ष बने। कुतूबगंज स्थित प्राचीन काली माता मंदिर के जीर्णोद्धार व निर्माण कार्य की देखरेख उमा भूषण तांती की अध्यक्षता में कराई जा रही थी। शशि मोदी जिले से बाहर रहते हुए भी मंदिर समिति और निर्माण पर अपना एकछत्र नियंत्रण रखना चाहता था।

महादेव तालाब और काली मंदिर प्रबंधन में शशि के गैर-जरूरी हस्तक्षेप का उमा लगातार विरोध कर रहे थे। मंदिर समिति के अध्यक्ष पद और इलाके में सामाजिक प्रभाव को लेकर दोनों के बीच गहरी तनातनी चल रही थी। इसी खुन्नस में शशि मोदी ने अपने भांजे कृष्णा के साथ मिलकर सुपारी किलर हायर किए और उमा भूषण तांती की हत्या की साजिश को अंजाम दिलवाया। पुलिस अब फरार भांजे कृष्णा मोदी की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।