ATM में कार्ड फंसा तो दीवार पर लिखे नंबर पर किया कॉल; बैंक खाते से उड़े 96 हजार रुपये, नया पैंतरा देख उड़े होश
Bhagalpur Barari ATM Fraud: भागलपुर में एटीएम में कार्ड फंसने पर दीवार पर लिखे फर्जी हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने ...और पढ़ें

Bhagalpur Barari ATM Fraud: जीरोमाइल एसबीआई एटीएम में कार्ड फंसाकर 95 हजार की साइबर ठगी, मार्कर से लिखा था फर्जी नंबर
HighLights
एटीएम में कार्ड फंसाकर ठगी का नया तरीका अपनाया गया।
दीवार पर लिखे फर्जी हेल्पलाइन नंबर का इस्तेमाल कर ठगी।
पीड़ित के बैंक खाते से 95,999 रुपये की अवैध निकासी हुई।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Barari ATM Fraud: बिहार के भागलपुर शहर में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया और बेहद शातिराना हथकंडा अपनाना शुरू कर दिया है। तकनीकी छेड़छाड़ कर एटीएम बूथ में कार्ड फंसाने और फिर मदद के नाम पर खाता खाली करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामला बरारी थाना क्षेत्र के व्यस्ततम इलाके जीरोमाइल चौक के समीप स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के एटीएम का है, जहां एक उपभोक्ता का कार्ड फंसने के बाद शातिरों ने उनके बैंक खाते से 95,999 रुपये की अवैध निकासी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जालसाज गिरोह के तकनीकी नेटवर्क को खंगालना शुरू कर दिया है।
मार्कर पेन से दीवार पर लिखा था फर्जी हेल्पलाइन नंबर
घटना के संदर्भ में औद्योगिक प्रक्षेत्र (आईआईडी) थाना क्षेत्र के मौर्या जुबली प्लेस निवासी गंगेश गुंजन ने बरारी थाने में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित के मुताबिक, वे जीरोमाइल स्थित एसबीआई के एटीएम बूथ से नकदी निकालने पहुंचे थे। कार्ड को मशीन में डालते ही तकनीकी खराबी के चलते उनका एटीएम कार्ड स्लॉट के भीतर ही अटक गया। काफी प्रयास के बाद भी जब कार्ड बाहर नहीं निकला, तो वे घबरा गए।
भागलपुर के बरारी थाना क्षेत्र अंतर्गत जीरोमाइल स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के एटीएम बूथ में हुई अनोखी साइबर ठगी
एटीएम स्लॉट में कार्ड फंसाकर जालसाज ने मशीन के पास मार्कर पेन से लिख छोड़ा था अपना फर्जी हेल्पलाइन नंबर
मदद के फेर में झांसे में आए औद्योगिक क्षेत्र निवासी गंगेश गुंजन, खाते से अवैध तरीके से निकाले 95,999 रुपये
बरारी थाने में धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज; एक अन्य मामले में बड़ी खंजरपुर में मारपीट को लेकर तीन पड़ोसियों पर केस
उसी दौरान उनकी नजर एटीएम मशीन के बिल्कुल समीप दीवार पर मार्कर पेन से लिखे एक मोबाइल नंबर पर पड़ी, जिसे बैंक का अधिकृत हेल्पलाइन नंबर दर्शाने की कोशिश की गई थी। दरअसल, यह नंबर किसी बैंक अधिकारी का नहीं, बल्कि वहां घात लगाए बैठे साइबर ठगों का था, जिसे उन्होंने जानबूझकर लिखा था ताकि कार्ड फंसने पर परेशान ग्राहक सीधे उनके जाल में फंस जाए।
कॉल करते ही गोपनीय जानकारी हासिल कर खाते पर लगाई चपत
कार्ड निकालने के लिए गंगेश गुंजन ने जैसे ही उस नंबर पर संपर्क साधा, दूसरी ओर मौजूद शातिर जालसाज ने खुद को बैंक का अधिकृत कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताकर बेहद सलीके से बात की। उसने पीड़ित को भरोसा दिलाया कि सिस्टम से कमांड देकर कार्ड बाहर निकाल दिया जाएगा। इस प्रक्रिया के बहाने शातिर ने तकनीकी झांसे में लेकर पीड़ित से कार्ड और बैंक खाते से जुड़ी अतिसंवेदनशील व गोपनीय जानकारियां हासिल कर लीं।
कॉल समाप्त होने के कुछ ही मिनटों के भीतर पीड़ित के पंजीकृत मोबाइल पर लगातार पैसे कटने के मैसेज आने लगे। जब तक वे कुछ समझ पाते, अज्ञात साइबर ठग ने उनके खाते से कुल 95,999 रुपये की अवैध ऑनलाइन निकासी कर ली। ठगी का अहसास होते ही पीड़ित के होश उड़ गए। बरारी थानाध्यक्ष ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जिस नंबर पर बात हुई थी, उसका कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और एटीएम बूथ के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
बड़ी खंजरपुर में मारपीट और गाली-गलौज को लेकर प्राथमिकी
इधर, बरारी थाना क्षेत्र में ही एक अन्य मामले में आपसी विवाद को लेकर मारपीट और अभद्र व्यवहार की घटना सामने आई है। थाना क्षेत्र के महाराज घाट रोड, बड़ी खंजरपुर निवासी रेखा देवी ने अपने पड़ोसियों के खिलाफ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि मामूली विवाद को लेकर पड़ोसियों ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रेखा देवी के आवेदन पर पड़ोसी गब्बर यादव उर्फ दीपक कुमार, शिखा देवी और मुस्कान कुमारी को नामजद अभियुक्त बनाया है। पुलिस दोनों मामलों में विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई में जुटी है।
