क्या विक्रमशिला सेतु पर ड्रोन नहीं उड़ेगा? मरम्मत के बीच भागलपुर प्रशासन की यूट्यूबर्स और मीडिया को सख्त हिदायत
Vikramshila Setu Repair : विक्रमशिला सेतु की मरम्मत के दौरान भागलपुर प्रशासन ने ड्रोन कैमरों के संचालन पर सख्त एडवाइजरी ...और पढ़ें

Vikramshila Setu Repair : आगे बढ़ने से रोक दिया गया।
HighLights
विक्रमशिला सेतु मरम्मत स्थल पर ड्रोन 100 मीटर दूर उड़ेंगे।
सुरक्षा सुनिश्चित करने, कार्य में बाधा रोकने को निर्देश।
मीडिया, यूट्यूबर्स के लिए सख्त सुरक्षा एडवाइजरी जारी।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Vikramshila Setu Repair विक्रमशिला सेतु पर सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) और जीआरईएफ की देखरेख में चल रहे महा-मरम्मत अभियान के बीच अब ड्रोन कैमरों के संचालन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। पुल के जीर्णोद्धार, बेली ब्रिज हटाने और स्पैन कटिंग की तस्वीरें व वीडियो कैद करने के लिए उमड़ रहे मीडिया प्रतिनिधियों, यूट्यूबर्स, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और निजी कंटेंट क्रिएटर्स के लिए प्रशासन ने सख्त सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है।
प्रशासन ने दो टूक निर्देश दिया है कि वीडियोग्राफी करते समय सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए और ड्रोन को कार्यस्थल व सेतु के मुख्य ढांचे से कम-से-कम 100 मीटर की सुरक्षित दूरी पर ही रखा जाए।
दरअसल, विक्रमशिला सेतु के चार महीने के मेगा ब्लॉक के बाद से ही पुल पर चल रहे तकनीकी कार्यों को देखने और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने की होड़ मची हुई है। कई ड्रोन संचालक बेहतर फुटेज पाने के चक्कर में ड्रोन को काम कर रहे मजदूरों, इंजीनियरों और भारी मशीनों के बेहद करीब उड़ा रहे थे।
बीआरओ ने जताई थी गंभीर आपत्ति, काम में आ रहा था व्यवधान
इस संबंध में बीआरओ के तकनीकी अधिकारियों ने जिला प्रशासन को औपचारिक रूप से अवगत कराया था कि कार्यस्थल के अत्यधिक नजदीक और नीची उड़ान पर ड्रोन उड़ाए जाने से वहां मौजूद कर्मियों में असहजता और भय का माहौल बनता है।
ड्रोन वीडियोग्राफी: प्रशासन की नई एडवाइजरी एक नजर में
लक्ष्य वर्ग: मीडियाकर्मी, यूट्यूबर्स, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और निजी ड्रोन संचालक।
न्यूनतम सुरक्षित दूरी: कार्यस्थल, सेतु, मशीनरी और कार्यरत कर्मियों से कम-से-कम 100 मीटर बाहर।
प्रतिबंधित दायरा: क्रेन, गैस कटर, भारी मशीनरी और बीआरओ कर्मियों के सिर के ऊपर या नजदीक ड्रोन ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित।
उद्देश्य: जीर्णोद्धार में लगे तकनीकी दल की सुरक्षा सुनिश्चित करना और मरम्मत कार्य में किसी भी व्यवधान को रोकना।
पुल पर भारी क्रेन, गैस कटर, हाइड्रा और पोकलेन जैसी संवेदनशील मशीनरी से जटिल तकनीकी कार्य किए जा रहे हैं। ऐसे में ड्रोन के अनियंत्रित होने या तकनीकी खराबी के चलते सीधे कार्यस्थल या उपकरणों पर गिरने से गंभीर दुर्घटना और काम बाधित होने का सीधा खतरा बना रहता है।
100 मीटर की परिधि से बाहर ही उड़ा सकेंगे ड्रोन
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जन-जागरूकता और मीडिया कवरेज पर कोई रोक नहीं है, लेकिन इसके लिए तय प्रोटोकॉल और सुरक्षा फासले का पालन अनिवार्य है। ड्रोन का संचालन इस तरह किया जाना चाहिए जिससे बीआरओ व जीआरईएफ के अधिकारियों और श्रमिकों के काम में तनिक भी व्यवधान न पड़े। विशेष रूप से भारी मशीनरी, लिफ्टिंग उपकरणों और कार्यरत जवानों के ऊपर या उनके नजदीक ड्रोन ले जाने की बिल्कुल मनाही होगी।
जिला प्रशासन ने सभी ड्रोन ऑपरेटरों और मीडियाकर्मियों से सहयोगात्मक रुख अपनाने की अपील की है, ताकि उत्तर और दक्षिण बिहार की इस लाइफलाइन के पुनर्निर्माण का अति-महत्वपूर्ण कार्य तय समय-सीमा में पूरी सुरक्षा के साथ संपन्न हो सके।
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