आनलाइन डेस्क, भागलपुर : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के पूर्णिया में ‘जन भावना महासभा’ को संबोधित करते हुए कहा कि मैं सात साल बाद बिहार आया हूं। 2015 में पीएम मोदी ने जो वादे किए थे। उसका हिसाब लेकर आया हूं। मुझे पता है कि नीतीश कुमार मेरा भाषण सुन रहे होंगे और वो इसमें नुख्श भी निकालेंगे। मैं बता दूं कि बिहार के विकास के लिए 1 लाख 25 हजार करोड़ का जो वादा किया गया था। आज नीतीश कुमार जी कलम-कागज लेकर बैठ जाएं। मैं उस वादे का हिसाब लेकर आया हूं।

अमित शाह ने तमाम योजनाओं के बारे में बताते हुए कहा, 'मोदी जी ने 2015 में कहा था कि हम 1 लाख 25 हजार करोड़ रुपये बिहार के विकास के लिए खर्च करेंगे। मैं सात साल बाद बिहार आया हूं। नीतीश बाबू...मैं इसका हिसाब लेकर आया हूं।'

उन्होंने बताया कि महामार्ग निर्माण के लिए 14 हजार करोड़ रुपया (जो बढ़ गया है)। ग्रामीण सड़क के लिए 22 हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए। रेलवे के लिए 56 हजार करोड़ खर्च किया है। हवाई अड्डे के लिए 1280 करोड़ खर्च किया है। पर्यटन के लिए 1600 करोड़ खर्च हुआ। पेट्रोलियम गैस के लिए 32 हजार करोड़ खर्च हुए। बिजली के लिए 16 हजार कहा था 14 हजार करोड़ खर्च हुआ है। इसके साथ ही उन्होंने कई योजनाओं के बारे में बताते हुए कहा कि वादे से कई गुना ज्यादा राशि खर्च की गई है।

बिहार में सीबीआई को प्रतिबंधित करने का हो रहा प्रयास-अमित शाह 

अमित शाह ने नीतीश कुमार-लालू यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले जहां नीतीश कुमार ने सीबीआई को आवेदन दिया अब वो इसे प्रतबंधित करने के प्रयास करते दिखाई दे रहे हैं। बिहार में चारा घोटाला करने वालों को मंत्री बना दिया गया है। अब नीतीश जी कैसे इस बड़े स्कैम पर अपनी आवाज उठाएंगे क्योंकि वो तो उनके साथ ही हो लिए हैं। बता दें कि अपने पूरे संबोधन में अमित शाह ने नीतीश कुमार और लालू यादव पर कई बार नाम लेते हुए निशाना साधा। 

Edited By: Shivam Bajpai