अरविंद कुमार सिंह, जमुई। बिहार पंचायत चुनाव 2021: अलीगंज प्रखंड के सहोड़ा पंचायत से नवनिर्वाचित मुखिया रेखा देवी चेक व अभिलेख पर अंगूठा लगाएंगी। ऐसा उनके माथे से निरक्षरता का कलंक नहीं मिट पाने के कारण होगा। यही वजह है कि नामांकन पर्चा पर भी उन्होंने अंगूठा ही लगाया था। रेखा तो महज बानगी भर हैं। शैक्षणिक योग्यता के लिहाज से अब तक जो परिणाम आए हैं, उसमें आधे से अधिक ग्राम प्रधान सिर्फ साक्षर हैं। स्नातक डिग्रीधारी की बात करें तो यह प्रतिशत महज सात है।

सिकंदरा, जमुई, अलीगंज और गिद्धौर प्रखंड के 46 पंचायतों में मात्र तीन ही स्नातक डिग्रीधारी मुखिया चुने गए हैं। बड़ी बात यह है कि स्नातक की डिग्री दो महिला मुखिया के खाते में हैं। इंटर पास मुखिया की बात करें तो सबसे बेहतर स्थिति गिद्धौर प्रखंड की है। जहां 50 फीसद मुखिया इंटर पास हैं। शेष दो सातवीं और दो साक्षर हैं। इंटर पास मुखिया की संख्या सिकंदरा में चार, जमुई में दो तथा अलीगंज में एक है। स्नातक उत्तीर्ण मुखिया में मंजोष पंचायत से दूसरी बार निर्वाचित भावना सिंह, अवगिला चौरासा पंचायत से कोमल कुमारी हैं। कोलहाना पंचायत से सत्यम कुमार बीए एलएलबी उत्तीर्ण हैं।

साक्षर जैनुल के सामने वार्ड चुनाव में मात खा गया बीटेक सरफराज

जमुई : पंचायत सरकार चुनने में मतदाताओं ने भी शायद शैक्षणिक योग्यता का ख्याल नहीं रखा। आखिर तभी तो सदर प्रखंड अंतर्गत चौड़ीहा पंचायत में वार्ड सदस्य के लिए बीटेक डिग्रीधारी उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा। आमीन गांव निवासी सरफराज अहमद डा एपीजे अब्दुल कलाम विश्वविद्यालय लखनऊ से बीटेक उत्तीर्ण है। वह वार्ड संख्या चार से चुनाव मैदान में उतरा था। 56 साल के साक्षर जैनुल के सामने 26 साल का बीटेक डिग्रीधारी युवक चुनावी चक्रव्यूह में मात खा गया। जैनुल को 111 तथा सरफराज को 65 वोट मिले। उक्त दोनों प्रत्याशियों के अलावा चुनाव मैदान में तीन और प्रत्याशी मुहम्मद अरमान, विजय साव तथा कपिल कुमार चौधरी डटे थे।

नवनिर्वाचित मुखिया की शैक्षणिक योग्यता

  • सिकंदरा प्रखंड 

पंचायत- मुखिया- शैक्षणिक योग्यता

कुमार- शंभू कुमार- इंटर 

पोहे- मनोज मंडल- इंटर 

गोखुला फतेहपुर- किरण देवी- साक्षर 

मथुरापुर- कौशल्या देवी- 

भूल्लो- सूचित कुमार- इंटर 

सबलविघा- अंजनी मिश्रा- मैट्रिक

खरडीह- शारदा कुमारी- इंटर 

सिझौड़ी- अशोक पासवान-साक्षर

ईंटासागर- मीरा देवी- साक्षर 

बिछवे- कैलू मांझी- साक्षर 

मंजोष- भावना सिंह- स्नातक

महादेव सिमरिया- विनोद कुमार - मैट्रिक 

मिर्चा पाठकचक- जया देवी- साक्षर

अलीगंज प्रखंड 

कैथा- देवनंदन यादव- मैट्रिक

आढ़ा- हेना कौशर- मैट्रिक 

कोल्हाना- सत्यम कुमार- बीए एलएलबी

अवगिला चौरासा- कोमल कुमारी- स्नातक

इस्लामनगर- दिलीप कुमार रावत-इंटर 

कोदवरिया- गीता देवी- साक्षर 

दीननगर- जनार्दन यादव- नान मैट्रिक 

सहोड़ा- रेखा देवी- निरक्षर 

अलीगंज- गायत्री देवी- साक्षर 

कैयार- ललन सिंह- मैट्रिक 

पुरसंडा- संजू देवी- साक्षर 

दरखा- जय प्रकाश प्रसाद- मैट्रिक

मिर्जागंज- मथुरा मांझी- साक्षर

सदर प्रखंड

मंझवे- मंजू देवी- साक्षर

काकन- इंदु देवी- साक्षर

लखनपुर- टिंकू पासवान- इंटर

कुंदरी सनकुरहा- गीता मंडल- साक्षर

अड़सार- अफसाना खातून-  साक्षर

चौडीहा- राहुल यादव- इंटर

अगहरा बरुअट्टा- चंपा देवी- साक्षर

दौलतपुर- रानी देवी- साक्षर

इंदपे- संतोष यादव- मैट्रिक

अमरथ- उर्मिला देवी- साक्षर

थेगुआ- धनंजय उर्फ मंटू पाठक- मैट्रिक

गरसंडा- अशोक पासवान- मिडिल पास

गिद्धौर प्रखंड

रतनपुर -भोला यादव- इंटर

कुंधुर -रामवचन पासवान- साक्षर

मौरा- धनराज कुमार यादव- इंटर

पतसंडा -कला देवी- सातवीं

कोल्हुआ - रूबी देवी- सातवीं

पूर्वी गुगुलडीह

सुनीता देवी - साक्षर

सेवा - रामाशीष साह- इंटर

गंगरा - अंजनी सिंह- इंटर

एलएलबी डिग्रीधारी मुखिया पर कसा है कानून का शिकंजा

अबतक एकमात्र उच्च डिग्री धारी एलएलबी उत्तीर्ण मुखिया सत्यम कुमार कानून की विभिन्न धाराओं में आरोपित भी हैं। उनके खिलाफ हत्या, आर्म्स एक्ट तथा अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत चंद्रदीप थाने में दो अलग-अलग मामले दर्ज हैं। यह दीगर बात है कि मुखिया इन दोनों मुकदमों को पूर्व मुखिया पिता निरंजन सिंह से प्रतिद्वंद्वियों की राजनीतिक रंजिश का परिणाम बताते हैं।

अलीगंज प्रखंड अंतर्गत ही दीननगर पंचायत से मुखिया जनार्दन यादव भी अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार अधिनियम सहित अन्य धाराओं में आरोपित हैं। गिद्धौर प्रखंड से नवनिर्वाचित मुखिया भोला यादव 2011 में दफा 420 के तहत दर्ज मुकदमा में बरी हो चुके हैं। इसके अलावा सदर प्रखंड के थेगुआ पंचायत से निर्वाचित मुखिया धनंजय पाठक उर्फ मंटू पाठक को भी हत्या एवं आर्म्स एक्ट के दो अलग-अलग मामलों में रिहाई मिली है।

अन्य किसी प्रत्याशी के खिलाफ कोई मामला दर्ज होने का हलफनामा नहीं है। वैसे सिकंदरा प्रखंड में गोखुला फतेहपुर पंचायत की मुखिया किरण देवी तथा मथुरापुर पंचायत की मुखिया कौशल्या देवी के पति व सदर प्रखंड में काकन पंचायत की मुखिया इंदु देवी के पुत्र का अतीत अपराध की दुनिया से जुड़ा रहा है। इंदु देवी का पुत्र गंगा सिंह तो आज भी जेल में है।

उप मुखिया और समिति सदस्य के बाद मुखिया की हसरत हुई पूरी

गिद्धौर प्रखंड अंतर्गत पतसंडा पंचायत से नवनिर्वाचित मुखिया कला देवी पंचायती राज व्यवस्था में पुरानी हैं। वो पहली बार 2001 में वार्ड सदस्य चुनी गई थीं। उसके बाद उप मुखिया भी बनीं। वर्ष 2006 तथा 2011 के पंचायत चुनाव में पंचायत समिति की सदस्य बनीं। 2016 में महज नौ वोटों से मुखिया चुनाव में पिछड़ गई थी। इस बार उन्होंने 938 मतों के अंतर से बड़ी जीत दर्ज कर मुखिया बनने की हसरत भी पूरी कर ली।

20 एकड़ की मालकिन मुखिया को खेती के लिए नहीं है ट्रैक्टर

चार प्रखंडों में निर्वाचित ग्राम प्रधानों में मंझवे पंचायत की मुखिया मंजू देवी कृषि भूमि के मामले में सबसे धनी हैं। शपथपत्र के मुताबिक वो लगभग दो करोड़ के अनुमानित मूल्य की 20 एकड़ भूमि की मालकिन हैं। हालांकि खेती के लिए उनके पास ट्रैक्टर नहीं है। 63 वर्ष की मंजू देवी के नाम 4.5 डिसमिल शहरी भूमि भी है। फ्लैट के मामले में दौलतपुर की मुखिया रानी देवी सबसे आगे हैं। वह तकरीबन एक करोड़ की कीमत की 14 फ्लैट की मालकिन हैं। उनके पास स्कॉर्पियो, बोलेरो और ट्रैक्टर के अलावा 6.60 लाख का बैंक बैलेंस भी है। रतनपुर मुखिया भोला यादव तथा थेगुआ मुखिया धनंजय पाठक  का कोयलांचल से भी तार जुड़ा है। गांव एवं जमुई के अलावा धनबाद शहर में भी इन दोनों की जमीन है।

संतोष को है सोने से ज्यादा जमीन प्यारी 

दूसरी बार इंदपे पंचायत से मुखिया चुने गए संतोष यादव को स्वर्ण आभूषण से बहुत लगाव नहीं है। इसकी झलक उनके हलफनामा में दिखती है। वह मात्र 10 ग्राम सोना तथा 200 ग्राम चांदी के मालिक हैं। बैंक बैलेंस पांच लाख तथा शहरी भूमि 15 डिसमिल उनके नाम है।

Edited By: Shivam Bajpai