संजय सिंह, भागलपुर। गजब : सहरसा पुलिस का एक नया कारनामा सामने आया है। इस कारनामे को जानकर सब लोग हैरान हैं। यहां पुलिस ने एक लंबी-चौड़ी बस को बाइक में तब्दील कर दिया। इसी साल 23 जुलाई को वर्षों से खराब पड़ी बस से पुलिस ने देसी शराब और गांजा बरामद किया था। इस मामले को लेकर बस मालिक को थाना बुलाया गया। इस मामले में किए गए केस में बाद में बस का नंबर बदलकर बाइक का नंबर कर दिया गया।

यह मामला पुलिस अवसर निरीक्षक श्वेत कमल के बयान पर दर्ज किया गया है। सदर थाने में पदस्थापित दारोगा को दिन में तीन बजकर पांच मिनट पर यह सूचना मिलती है कि बस स्टैंड में वर्षों से खड़ी एक जर्जर बस (बीआर 19डी 7087) में गांजा और देसी शराब रखी हुई है। यह बस स्टैंड सहरसा का प्रमुख बस स्टैंड है। सूचना पर कुछ पुलिसकर्मियों के साथ श्वेत कमल वहां पहुंचे।

बस की तलाशी लेने के बाद लगभग 50 लीटर शराब और कुछ गांजा बरामद किया गया। इसकी जानकारी अंचलाधिकारी को दी गई। सीजरलिस्ट भी तैयार की गई। बस के मालिक को भी थाना बुलाया गया। उनसे पूछताछ की गई। पुलिसिया रोब भी दिखाया गया, लेकिन जब प्राथमिकी दर्ज की जाने लगी तो उस बस के बदले नंबर बीआर 19 डी 7083 डाल दिया गया। जर्जर बस में नंबर स्पष्ट लिखा था। यह साजिश किसके इशारे पर हुई, यह जांच का विषय है। जिस नंबर को डाला गया, वह नंद किशोर यादव की बाइक का नंबर है। इस मामले में वार्ड नंबर 26 के साजन पोद्दार को भी आरोपित बनाया गया है।

इस मामले में जब थानाध्यक्ष सुधाकर कुमार से बात की गई तो उनका कहना था कि बस में जो नंबर लिखा गया है, वही प्राथमिकी में डाला गया है। उनसे यह सवाल पूछा गया कि शराब और गांजा जब जर्जर बस से बरामद किया गया तो फिर बस मालिक को क्यों नहीं आरोपित किया गया। इस पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। यह सच है कि जर्जर बस वर्षों से बस स्टैंड में पड़ी है। इस बात को पुलिस भी अच्छी तरह जानती थी। बस स्टैंड से मालिक के घर की दूरी लगभग डेढ़-दो किलोमीटर है। फिर थाने में बस मालिक को तलब करना भी जांच का विषय है।

अभी मैं अवकाश में हूं। छुट्टी से लौटने के बाद इस मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो सच सामने आएगा, उसपर कार्रवाई की जाएगी। सरहरा आने पर पूरी जांच कराई जाएगी। - शिवदीप लांडे, डीआइजी, कोसी रेंज

Edited By: Dilip Kumar Shukla

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