'ये तेरा घर ये मेरा घर' नवरात्र पर भागलपुर के 68 आदिवासी परिवारों का सपना साकार; मिला आशियाना, हाथों में आई चाबी
Bhagalpur Pirpainti Adani Foundation Tribal Housing: शारदीय नवरात्र के शुभ अवसर पर भागलपुर के पीरपैंती में अदाणी फाउंडेशन ने 68 ...और पढ़ें

Bhagalpur Pirpainti Adani Foundation Tribal Housing: पीरपैंती में संथाल व पहाड़िया समुदाय के 68 परिवारों को मिला आशियाना
HighLights
अदाणी फाउंडेशन ने 68 आदिवासी परिवारों को पक्के घर दिए।
पीरपैंती, भागलपुर में शारदीय नवरात्र पर सामूहिक गृह प्रवेश हुआ।
संथाल और पहाड़िया समुदाय को मिला स्थायी, सुरक्षित आशियाना।
संवाद सूत्र, पीरपैंती (भागलपुर)। Bhagalpur Pirpainti Adani Foundation Tribal Housing: शारदीय नवरात्र के पावन शुभारंभ के साथ ही पीरपैंती में वर्षों से अभाव, असुरक्षा और गुमनाम जिंदगी जीने को विवश 68 आदिवासी परिवारों के जीवन में खुशियों का नया सवेरा हुआ। लंबे समय से सिर छिपाने के लिए पक्की छत को तरस रहे संथाल और पहाड़िया समुदाय के इन परिवारों को अब अपना स्थायी और सुरक्षित आशियाना मिल गया है।
अदाणी पावर प्लांट के निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत अदाणी फाउंडेशन द्वारा नवनिर्मित पक्के आवासों की चाबियां सोमवार को पूरे विधि-विधान के साथ महिला लाभार्थियों के हाथों में सौंपी गईं। इस अवसर पर आयोजित सामूहिक गृह प्रवेश कार्यक्रम में इन परिवारों ने पारंपरिक उल्लास के साथ अपने नए घरों की दहलीज पर कदम रखा।
कार्यक्रम में स्थानीय विधायक मुरारी पासवान बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। वहीं जिला व अनुमंडल प्रशासन की ओर से कहलगांव के एसडीएम राकेश रंजन, पीरपैंती के अंचलाधिकारी चंद्रशेखर कुमार सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। अतिथियों की मौजूदगी में सभी 68 परिवारों ने अपने नए घरों का अवलोकन किया और विधिवत गृह प्रवेश किया।
सरकार ने दी जमीन, अदाणी फाउंडेशन ने खड़ा किया आशियाना
पीरपैंती पावर प्लांट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से संथाल और पहाड़िया जनजाति के लोग बुनियादी सुविधाओं के बिना अस्थायी झोपड़ियों में गुजर-बसर कर रहे थे। इन भूमिहीन परिवारों को पुनर्वासित करने और गरिमापूर्ण जीवन उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार की ओर से उपयुक्त जमीन का आवंटन किया गया था।
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इसके बाद इन परिवारों को सुरक्षित छत और बेहतर जीवन परिस्थितियां मुहैया कराने के संकल्प के साथ अदाणी फाउंडेशन आगे आया। फाउंडेशन ने सीएसआर मद से सभी 68 परिवारों के लिए आधुनिक मानकों के अनुरूप मजबूत और पक्के मकानों का निर्माण कराया। इस समन्वित पहल से अब इन आदिवासी परिवारों को केवल छत ही नहीं, बल्कि सुरक्षा, स्थायित्व और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार भी मिल गया है।
महिलाओं के चेहरों पर झलकी आत्मीय खुशी और संतोष
समारोह के दौरान जब गृह स्वामिनियों के हाथों में उनके नए घरों की चाबियां सौंपी गईं, तो महिलाओं के चेहरों पर वर्षों के संघर्ष के बाद उपजा संतोष और आत्मीय खुशी साफ झलक रही थी। जिन पीढ़ियों ने चिलचिलाती धूप, कड़ाके की ठंड और बरसात के थपेड़ों के बीच कच्ची झोपड़ियों में रातें काटी थीं, उनके लिए नवरात्र के पहले दिन पक्के मकान की मालकिन बनना किसी सपने के सच होने जैसा था।
स्थानीय जनप्रतिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने अदाणी फाउंडेशन की इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि वंचित तबके को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में यह एक अनुकरणीय कदम है।
