संवाद सूत्र, सहरसा। जिले में शिक्षण व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। अब स्कूल से अनुपस्थित रहना शिक्षकों को महंगा पड़ेगा। राज्य सरकार के निर्देश पर अब स्कूलों की प्रतिदिन निरीक्षण करने की जिम्मेवारी तय कर दी गई है। शिक्षा अधिकारी के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में कम से कम दो स्कूलों की हर दिन निरीक्षण करेंगे और उसकी विस्तृत प्रतिवेदन विभाग को समर्पित करेंगे।

इस निर्देश के बाद शिक्षकों के बीच खलबली मची हुई है। बिना किसी कारण या अवकाश की छुट्टी का आवेदन दिए बगैर शिक्षक स्कूल से अनुपस्थित रहें तो निरीक्षण दिन का वेतन स्वत: काटकर शिक्षकों को भुगतान किया जाएगा। जिले के सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण शिक्षा अधिकारियों ने शुरू कर दिया है। विभाग के निर्देश पर एक सितंबर 21 से ही प्रारंभिक स्कूलों सहित हाई स्कूलों का निरीक्षण करने का निर्देश शिक्षा अधिकारियों को दिया गया है।

जिस अनुरूप जिला शिक्षा पदाधिकारी सहित डीपीओ व बीईओ को हर कार्य दिवस के दिन कम से कम दो- दो स्कूलों का निरीक्षण करने को कहा गया है। इसी निर्देश के अनुरूप शिक्षा अधिकारी हर दिन राज्य मुख्यालय को शिक्षकों की उपस्थिति सहित बच्चों की संख्या आदि की विस्तृत रिपोर्ट भी भेजी जा रही है।

शिक्षा अधिकारियों द्वारा पहले भी निरीक्षण किया जाता था। उस समय अनुपस्थित शिक्षकों का वेतन रोककर स्पष्टीकरण पूछकर फिर वेतन रिलीज कर दिया जाता था। लेकिन अब यह व्यवस्था बदल गयी है। विभागीय अधिकारी कहते है कि बिना सूचना के अनुपस्थित शिक्षकों का निरीक्षण दिन एक दिन का वेतन काटने के बाद ही वेतन का भुगतान किया जाएगा।

निरीक्षण में दर्जनों शिक्षकों मिले हैं अनुपस्थित

विभाग के आकंड़े बताते है कि शिक्षा अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से विद्यालयों के निरीक्षण में दर्जनों शिक्षक अब तक अनुपस्थित मिले है। ऐसे शिक्षकों का एक दिन का वेतन काटकर ही वेतन मिलने की उम्मीद है।

- विभागीय निर्देश के आलोक में प्रत्येक दिन स्कूलों का निरीक्षण किया जाना है। बिना बताए अनुपस्थित शिक्षकों का एक दिन का वेतन कटकर ही वेतन भुगतान किया जाएगा। जयशंकर प्रसाद ठाकुर, जिला शिक्षा पदाधिकारी

 

Edited By: Abhishek Kumar