भागलपुर। अवैध रूप से संचालित पैथोलॉजी सेंटरों को बंद कराने पहुंची टीम को बैरंग लौटना पड़ा। बुधवार को टीम जिन चिह्नित पैथोलॉजी सेंटर पर कार्रवाई करने गई वे हड़ताल के चलते बंद मिले। वहां मौजूद टेक्नीशियनों ने टीम का विरोध किया।

बताते चलें कि पटना हाईकोर्ट ने पिछले दिनों राज्य भर में चल रहे अवैध पैथोलॉजी सेंटरों को बंद कराने का आदेश दिया था। इस आदेश को अमल में लाने के लिए सिविल सर्जन ने जिलाधिकारी से मजिस्ट्रेट की मांग की थी। बुधवार को मजिस्ट्रेट अभय कुमार, सदर अस्पताल प्रभारी डॉ. एके मंडल, डॉ. अब्दुल रब्बानी, डॉ. विनय दयाल के अलावा 10 पुलिसकर्मियों के साथ टीम अवैध पैथोलॉजी को बंद करवाने निकली। 28 पैथोलॉजी केंद्रों को बंद कराना था। इन केंद्रों को सिविल सर्जन ने दो बार नोटिस दिया था लेकिन इन्होंने कागजात जमा नहीं किए थे। वैसे जिले भर में अवैध रूप से संचालित 79 पैथोलॉजी सेंटरों को चिन्हित किया गया है।

टीम महात्मा गांधी रोड स्थित डॉ. एके चौधरी, सुरभि, तिलकामांझी स्थित आदित्य क्लीनिक, ग्लोबल, शिव डायग्नोस्टिक, ओम डायग्नोस्टिक पैथोलॉजी सेंटर गई लेकिन सभी बंद मिले। ग्लोकल पैथोलॉजी के पैथोलॉजिस्ट डॉ. पूनम जायसवाल ने कागजात दिखाया जिससे टीम संतुष्ट हुई। इसके बाद जब टीम के सदस्य अन्य पैथोलॉजी सेंटर जाने लगे तो हड़ताली टेक्नीशियन सरकार और टीम के विरोध में नारे लगाने लगे। टेक्नीशियनों के आक्रोश को देखते हुए जांच टीम एंबुलेंस से चली गई। पुन: टीम भीखनपुर स्थित पोपुलर, मुंदीचक स्थित इम्यूनो पैथोलॉजी सेंटर गई सभी बंद मिले। टीम में शामिल फोटोग्राफर बंद पैथोलॉजी सेंटरों की फोटोग्राफी भी की। टीम के पीछे हड़ताली टेक्नीशियन भी थे, जो बराबर टीम का विरोध कर रहे थे। सिविल सर्जन कार्यालय में हड़ताली टेक्नीशियनों ने मजिस्ट्रेट को ज्ञापन भी दिया।

Posted By: Jagran