भागलपुर [जेएनएन]। दैनिक जागरण के 'ना बिके तेजाब, ना झुलसें ख्वाब अभियान के तहत इस्टर्न बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स कार्यालय में परिचर्चा आयोजित की गई। इसमें व्यवसायियों ने तेजाब को लेकर अपनी राय रखी और बिक्री पर नियंत्रण के तरीके भी सुझाए। कहा, तेजाब की खुलेआम बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए व्यवसायियों को ही स्व-नियमन और नियंत्रण करना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने भी तेजाब की बिक्री को नियंत्रित करने का निर्देश दिया है। व्यवसायी इसके लिए तैयार हैं, लेकिन तेजाब की बिक्री ही पूरी तरह बंद कर दी जाएगी तो सराफा बाजार उजड़ जाएगा। बिना तेजाब सराफा बाजार में काम नहीं हो सकेगा।

व्यवसायियों ने कहा कि आखिर लोग तेजाब खरीदते क्यों हैं? दरअसल, कई गरीब परिवार शौचालय की सफाई के लिए महंगे क्लीनर नहीं खरीद सकते। उन्हें सस्ती दर पर तेजाब मिल जाता है। इस वजह से वे तेजाब खरीदते हैं। लेकिन, कई बार घर में रखा यह तेजाब दूसरों पर हमले के लिए प्रयोग कर लिया जाता है। इसकी खुलेआम बिक्री को रोकना होगा। जिसे भी तेजाब बेचा जाए उसका पूरा विवरण लिया जाए। इस तरह से खुलेआम बिक्री को रोका जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने भी इस संबंध में कई दिशा निर्देश दिए हैं, उसके बारे में आम जनता और दुकानदारों को पता होना चाहिए। तभी इस पर रोक लग सकती है। तेजाब की अवैध बिक्री के लिए दुकानदारों को भी जागरूक करना होगा। एसिड बिक्री करने के बेहद सख्त नियम हैं लेकिन शहर में इसका पालन नहीं किया जाता है। ज्यादातर एसिड खरीदने वालों से आइडी नहीं मांगी जाती है। एसिड खरीदने वाले की जांच नहीं की जाती। उनसे वजह भी नहीं पूछी जाती है। जो चाहे जितना एसिड खरीद सकता है। कई दुकानों से बगैर लाइसेंस एसिड बेचा जा रहा है और इनको भी रोकने या टोकने वाला कोई नहीं है। इस पूरे मामले में सबसे चौकाने वाला रवैया स्थानीय पुलिस का है जो अपने इलाके में एसिड ब्रिकी को रोक पाने में पूरी तरह से विफल हैं।

बदलनी होगी मानसिकता, समाज को आना होगा आगे

मुकुटधारी अग्रवाल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों मे एसिड अटैक समेत महिला उत्पीडऩ की घटनाएं काफी बढ़ी हैं। इसकी बड़ी वजह विकृत मानसिकता है। बदले की भावना से प्रेरित होकर नौजवान इस तरह की घटना को अंजाम दे रहे हैं। समाज के प्रबुद्ध वर्ग को इस पर गंभीरता से विचार करने जरूरत है। ऐसी घटनाओं को प्राय : मध्यमवर्गीय परिवार के युवकों द्वारा अंजाम दिया जाता है। समाज में आज न तो अभिभावक का डर रहा है और न ही प्रशासन का। ऐसी घटनाओं को रोकथाम के लिए जरूरी है कि घटनाओं की तेजी से की जाए। अपराधी को चिह्नित कर स्पीडी ट्रायल से कड़ी सजा दिलाई जाए। साथ ही समाज में जागरूकता अभियान भी चलाना चाहिए। बेटे को बेटी के मुकाबले अधिक प्रश्रय नहीं मिलना चाहिए। बेटों को लालन पालन में आपराधिक प्रवृति का चरित्र नहीं आना चाहिए। बच्चों पर अभिभावकों को नियंत्रण रखना चाहिए। एसिड हमले की घटनाएं केवल सरकारी प्रयास से कम नहीं होंगी। इसके लिए समाज को आगे आने की जरूरत है।

जिला स्वर्णकार संघ के पूर्व सचिव अनिल कडेल ने कहा कि तेजाब के बिना सराफा का कारोबार संभव नहीं है। अवैध बिक्री पर रोक लगे। बिक्री पर पूर्णतया रोक लगाना गलत है। सोनापट्टी में व्यवसायियों को लाइसेंस की व्यवस्था हो। तेजाब फेंकने वाले को कड़ी सजा मिले। जिला स्वर्णकार संघ के सचिव संजय पोद्दार ने कहा कि एसिड की अवैध बिक्री बंद हो। खुदरा कारोबार बंद होना चाहिए। स्वर्ण दुकानदारों का तेजाब के बिना काम नहीं होगा। संघ से पहचान पत्र जारी होना चाहिए। प्रशासन दोषियों पर कार्रवाई करे। मनीष टिवरेवाल ने कहा कि तेजाब हमले को रोकने के लिए प्रशासन को बेहतर प्लान तैयार करना चाहिए। छोटे दुकानों में एसिड की अवैध बिक्री पर रोक लगनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का पालन होना चाहिए।

आशीष सर्राफ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पुराने कानून को सख्त बनाने के लिए निर्देश दिया है। अगर कोई गलत तरीके से तेजाब बेचता है तो उसको पकड़कर जेल भेजा जाए। सराफा व्यवसायियों को इससे बाहर रखने की जरूरत है। बालमुकुंद गोयनका ने कहा कि प्रशासन अलीगंज में हुए हमले के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करे। अवैध बिक्री पर रोक लगाए। इससे तेजाब हमले की घटना पर लगाम लगाया जा सकता है।

अमर बाजोरिया ने कहा कि एसिड की अवैध बिक्री पर रोक लगनी चाहिए। त्वचा को नुकसान करने वाले तेजाब की ब्रिकी खुलेआम न हो। तेजाब का इस्तेमाल कपड़ा से लेकर सराफा कारोबार तक में होता है। प्रशासन को इस पर नियंत्रण नहीं करना चाहिए। उपाध्यक्ष अजीत जैन ने कहा कि एसिड हमला मामले में कानून है। पुलिस को और सख्त होने की जरूरत है। ताकि जिले में फिर से तेजाब हमले की घटना को दोहराया नहीं जा सके। दोषियों पर कठोर कार्रवाई की आवश्यकता है।

श्रवण बाजोरिया ने कहा कि तेजाब जरूरत की चीज है। नियम बनाने से इस पर पूरी तरह से नियंत्रण नहीं होगा। यह अपराध को कुछ हद तक रोक सकता है। समाज को सजग रहने की आवश्यकता है। पुलिस का डर होना जरूरी है। अध्यक्ष, चैंबर ऑफ कॉमर्स अशोक भिवानीवाला ने कहा कि अलीगंज की घटना की चैंबर घोर निंदा करता है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का पालन होना चाहिए। कानून को और मजबूत बनाने की जरूरत है, ताकि लोगों में डर हो। जब डर पैदा हो जाएगा तो हमले खुद बंद हो जाएंगे।

कोषाध्यक्ष मनीष बुचासिया ने कहा कि ऐसे मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से दोषी को सजा दिलानी होगी। तभी एसिड हमले की घटना को रोका जा सकता है। तेजाब बंदी इस समस्या का समाधान नहीं है। प्रशासन को इस पर विचार करने की जरूरत है।

महासचिव रोहित झुनझुनवाला ने कहा कि लोगों की संवेदनाएं जगाने की जरूरत है। महिलाओं के प्रति नजरिया बदलने की जरूरत है। व्यवसायिक दृष्टिकोण से इस पर रोक लगाना सरासर गलत है। अवैध बिक्री पर रोक लगे। तेजाब से कई कारोबार जुड़े हैं। कानून और सख्त हो। सुशील कोटरीवाल ने कहा कि चंद रुपयों के लिए किराना दुकानदारों को प्रतिबंधित एसिड की बिक्री नहीं करनी चाहिए। इसकी बिक्री नियम के अनुसार ही हो तो बेहतर है। एसिड के उत्पाद, भंडारण और बिक्री की ट्रैकिंग होनी चाहिए।

अभिषेक जैन ने कहा कि नाबालिग नशे के आदि हो रहे हैं। उन्हें यह पता नहीं चल रहा है कि वे जो करने जा रहे हैं, उसका परिणाम क्या होगा। जिन्हें जरूरत है उन्हीं को एसिड मिले। अलीगंज की घटना फिर से न हो इसके लिए सभी को जागरूक होना होगा। जॉनी संथालिया ने कहा कि सामाजिक जागरूकता से ही एसिड हमले जैसी घटनाओं पर रोक लग सकेगी। इसके लिए सभी को आगे आना होगा। प्रशासन को भी और सख्त होना पड़ेगा। अपराध पर सिर्फ नियम और कानून से नियंत्रण नहीं होगा। लोगों की सोच बदलने की जरूरत है।

कड़ा है एसिड इस्तेमाल का नियम 

-नियमों के मुताबिक एसिड की बिक्री सिर्फ लाइसेंसी दुकानों से ही हो 

-दुकानों पर मौजूद एसिड के स्टॉक की जानकारी स्थानीय प्रशासन को देनी होगी

-18 साल के नीचे के लोगों को एसिड नहीं बेचा जाए

-एसिड खरीदने वाले को फोटो आइडी देना अनिवार्य है 

-दुकानदार को ग्राहक का डिटेल रजिस्टर में मेनटेन करनी होगी

-तेजाब खरीदने वाले को उसे खरीदने का उद्देश्य भी दर्ज कराना होगा

-स्कूल लैब आदि जहां अधिक मात्रा में एसिड की जरूरत होगी उन्हें प्रशासन ने अनुमति लेनी होगी

-अवैध तरीके से तेजाब बेचने वालों पर जुर्माना और जेल भेजा जाए

तेजाब की खुलेआम बिक्री के विरुद्ध सरकार को कड़ा कानून लाना चाहिए

दैनिक जागरण के 'ना बिके तेजाब, ना झुलसें ख्वाब' अभियान के तहत वार्ड 26 के खंजरपुर स्थित भारत माता चौक पर नगर संसद आयोजित हुई। इसमें पहुंचे लोगों ने तेजाब की खुलेआम बिक्री पर रोक लगाने के लिए आवाज उठाने की शपथ ली। पार्षद गोविंद बनर्जी ने कहा कि तेजाब की खुलेआम बिक्री के विरुद्ध सरकार को कड़ा कानून लाना चाहिए। हमलावरों का समाजिक बहिष्कार करना होगा। संजीव कुमार ने कहा कि लोगों को प्रण लेना होगा कि जहां तेजाब की अवैध तरीके से बिक्री उसकी सूचना पुलिस को दे। नीरज कुमार सिंह ने कहा कि अलीगंज में छात्रा की हत्या की कोशिश की गई। प्रशासन को सख्त कदम उठाना चाहिए। आशीष कुमार यादव और तपन कुमार दास ने कहा कि तेजाब से जुड़े कानून को सख्त बनाना होगा। सन्नी कुमार ने कहा, तेजाब से हमला जघन्य अपराध है। छात्रा के साथ शहरवासियों की संवेदना जुड़ी हुई है। अनन्या श्रीवास्तव ने कहा, ऐसी घटना सिर्फ तेजाब की बिक्री पर पाबंदी लगाने से नहीं रुक सकती है। जिस दिन हम औरतों का सम्मान करना सीख लेंगे ऐसी घटनाएं खुद समाप्त हो जाएंगी।

तेजाब की अवैध ब्रिकी पर लगे पाबंदी

तेजाब की अवैध बिक्री को लेकर छात्राएं, महिलाएं, पुरुष और समाज के प्रबुद्ध जन एकजुट होने लगे हैं। दैनिक जागरण की ओर से चलाए जा रहे अभियान 'ना बिके तेजाब ना झुलसें ख्वाब' के तहत कचहरी चौक पर पीडि़ता की स्वस्थ्य होने के लिए और तेजाब बंदी को लेकर कई लोगों ने संदेश लिखा। साथ ही हस्ताक्षर कर प्रशासन से शहर में अवैध रूप से बिक रहे तेजाब पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की। संगिनी क्लब की अध्यक्ष श्वेता सुमन, सुचि श्वेता, अंशु सिंह, सुमन सोनी, राधा शैलेंद्र, गोविंद अग्रवाल, डॉ. अजय सिंह, राकेश रंजन केसरी, सूरज अवस्थी और राजेश कुमार अग्रवाल आदि सहित कई हस्ताक्षर किए।

छात्राएं डीएम को लिख रहीं पत्र

अलीगंज में छात्रा पर हुए एसिड हमले की घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। लोग इसके विरोध में अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। इसके लिए कॉलेज और कोचिंग की छात्राएं जिलाधिकारी को पत्र लिखकर तेजाब की अवैध बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है। मंगलवार को सत्यम वेब कोचिंग की सैकड़ों छात्राओं ने डीएम को पत्र लिखा। इसमें शहर में अवैध रूप से बिक रहे तेजाब पर अविलंब पाबंदी लगाने की मांग की है।

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Posted By: Dilip Shukla

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