भागलपुर, जेएनएन। राज्य सरकार द्वारा बिहार माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा रद करने पर अभाविप कार्यकर्ताओं ने काला बिल्ला लगाकर विरोध जताया। अभाविप के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अनुज चौरसिया ने कहा कि इस पर जब हाइकोर्ट का निर्णय 22 को आना था तो 16 मई को ही जल्दबाजी में परीक्षा रद क्यों की गई। सरकार एसटीईटी परीक्षा रद कर बहाली को रोकने का प्रयास कर रही है। विगत कुछ महीने में दारोगा, बीएड, बिहार पुलिस, फोरेस्ट गार्ड की परीक्षा भी रद की जा चुकी है, जो छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। यदि सरकार इस पर पुनर्विचार नहीं करती है तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस मौके पर अभाविप कार्यकर्ता सुजीत सिंह चौहान, कॉलेज अध्यक्ष अविश कुमार, नगर सह मंत्री पंकज कुमार, रवि कुमार, प्रवीण कुमार आदि मौजूद रहे।

नारायणपुर प्रखंड में भी अभाविप कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर काला दिवस मनाया। कार्यक्रम का नेतृत्व नगर मंत्री सुशान्त कुमार ने किया। मौके पर जिला संयोजक पंकज कुमार, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुमित यादव, नगरमंत्री सुशान्त कुमार, नगर कोषाध्यक्ष राजू कुमार, एसडीएफ प्रमुख प्रताप आर्या, सोनू कुमार आदि कार्यकर्ता मौजूद थे।

कहलगांव में भी हुआ प्रदर्शन 

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कहलगांव इकाई के सदस्यों ने माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा रद किए जाने के खिलाफ परिषद कार्यालय के सामने लॉकडाउन का पालन करते हुए काला दिवस मनाया और राज्य सरकार के रवैये पर रोष प्रकट करते हुए चेतावनी दी। अभाविप के परिषद के प्रदेश मंत्री लक्ष्मी कुमारी ने कहा कि एसटीईटी परीक्षा रद करना बिहार के हजारों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है। सरकार इसपर पुनर्विचार करे अन्यथा परिषद चरणबद्ध आंदोलन करेगी। भागलपुर विश्वविद्यालय संयोजक रविभूषण ने कहा कि एक तरफ शिक्षकों के अभाव में पढ़ाई पर असर पर रहा है दूसरी तरफ सरकार परीक्षा रद कर रही है यह बेरोजगारों के साथ अन्याय है। परिषद चुप नहीं रहेगी आंदोलन किया जाएगा।

अभाविप कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विरोध में प्रदर्शन भी किया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मुख्‍यमंत्री राज्‍य के मेधा को समाप्त करना चाह रही है। 

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