भागलपुर के अभिषेक गौरव ने मिलेट्स पर किया ऐतिहासिक शोध; बने फूड प्रोसेस इंजीनियर में बिहार के पहले पीएचडी
Bhagalpur Abhishek Gaurav NIT Rourkela PhD in Millets: भागलपुर के अभिषेक गौरव ने एनआईटी राउरकेला से मिलेट्स पर पीएचडी पूरी ...और पढ़ें

Bhagalpur Abhishek Gaurav NIT Rourkela PhD in Millets: भीखनपुर के अभिषेक गौरव ने मिलेट्स पर किया ऐतिहासिक शोध; बने फूड प्रोसेस इंजीनियर में बिहार के पहले पीएचडी
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Abhishek Gaurav NIT Rourkela PhD in Millets: प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए 'श्री अन्न' (मोटे अनाज) के राष्ट्रीय अभियान को वैज्ञानिक धरातल पर नई ऊंचाई देते हुए सिल्क सिटी भागलपुर के होनहार लाल ने अकादमिक जगत में इतिहास रच दिया है। शहर के भीखनपुर गुमटी नंबर-2 के रहने वाले अभिषेक गौरव ने देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान एनआईटी (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) राउरकेला से मिलेट्स पर अपना उच्चस्तरीय शोध कार्य (पीएचडी) सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है।
अभिषेक ने इसके साथ ही खाद्य प्रसंस्करण अभियांत्रिकी (फूड प्रोसेस इंजीनियरिंग) के क्षेत्र में मिलेट्स पर पीएचडी उपाधि अर्जित करने वाले 'बिहार के पहले स्कॉलर' होने का गौरव हासिल किया है। डॉ. अभिषेक गौरव का यह शोध कार्य देश के पारंपरिक खानपान और आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकी का एक अनूठा संगम है।
उन्होंने अपने शोध प्रबंध (थीसिस) का केंद्र 'श्री अन्न से पोषण क्रांति' को बनाया। गहन अध्ययन के जरिए उन्होंने 'सूखा-ताप तकनीक' (ड्राई-हीट ट्रीटमेंट) का उपयोग करते हुए स्थानीय मोटे अनाज 'कोदो बाजरा' को एक नए और स्वास्थ्यवर्धक रूप में ढाला है।
कोदो बाजरा से तैयार किया पेट के लिए मुफीद नाश्ता
अपने नवाचार के बारे में डॉ. अभिषेक गौरव ने बताया कि उनका शोध मुख्य रूप से 'रेजिस्टेंट स्टार्च' युक्त ब्रेकफास्ट सीरियल (नाश्ते का उत्पाद) विकसित करने पर केंद्रित था। इस तकनीक से तैयार किया गया उत्पाद न केवल पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में अत्यधिक मददगार साबित होगा, बल्कि यह प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भी भरपूर है।
भागलपुर के भीखनपुर निवासी अभिषेक गौरव ने प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) राउरकेला से मिलेट्स (मोटे अनाज) पर पूरी की पीएचडी
खाद्य प्रसंस्करण अभियांत्रिकी (Food Process Engineering) संकाय के तहत मिलेट्स विषय में पीएचडी उपाधि पाने वाले बने बिहार के पहले शोधार्थी
'श्री अन्न से पोषण क्रांति' के संकल्प के साथ कोदो बाजरा से आधुनिक तकनीक द्वारा तैयार किया रेजिस्टेंट स्टार्च युक्त पौष्टिक ब्रेकफास्ट
प्रो. आरसी प्रधान और प्रो. एस. मिश्रा के निर्देशन में पूरा किया शोध; पाचन तंत्र को मजबूत बनाने और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर है नया उत्पाद
यह शोध उन लोगों के लिए विशेष रूप से वरदान साबित होगा जो आधुनिक जीवनशैली में पेट से जुड़ी बीमारियों और पोषण की कमी से जूझ रहे हैं। मोटे अनाज को रोजमर्रा के नाश्ते में लोकप्रिय और स्वादिष्ट बनाने की दिशा में यह एक युगांतरकारी कदम माना जा रहा है।
शोध निर्देशकों और परिजनों को दिया सफलता का श्रेय
एनआईटी राउरकेला में वर्षों की कड़ी मेहनत और शोध साधना के बाद मिली इस बड़ी उपलब्धि पर डॉ. अभिषेक गौरव ने अपने मार्गदर्शकों प्रो. आरसी प्रधान और प्रो. एस. मिश्रा के प्रति विशेष आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि गुरुओं के सटीक मार्गदर्शन के बिना इस जटिल शोध को पूरा करना संभव नहीं था।
इसके साथ ही उन्होंने अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय अपनी माता, दादा-दादी, परिवार के अन्य सदस्यों और मित्रों के सतत सहयोग व प्रेरणा को दिया। डॉ. अभिषेक की इस उपलब्धि से भागलपुर सहित पूरे राज्य का मान बढ़ा है और शिक्षाविदों व प्रबुद्ध नागरिकों ने उन्हें बधाई दी है।
