भागलपुर [जेएनएन]। श्रवणी मेले के 16वें दिन लगभग एक लाख 33 हजार कांवरियों ने पवित्र गंगा में स्नान कर जल उठाया और बाबा धाम के लिए प्रस्थान कर गए। बोल बम के नारों से गंगा घाट से लेकर कांवरिया पथ गूंजता रहा। इस बार बांग्ला व मिथिला सावन एक साथ होने के कारण हर दिन कांवरियों की संख्या में वृद्धि हो रही है। श्रवणी अमावस्या को लेकर भी कांवरियों की संख्या में वृद्धि देखी गई। बंगाल के कांवरियों का कई जत्था आकर्षक कांवर के साथ बाबा धाम रवाना हुआ। ट्रेनों में भी कांवरियों की काफी भीड़ रही। काफी संख्या में कांवरिया सुल्तानगंज से जल भरकर बाबा धाम रवाना हो रहे हैं। ट्रेन के अलावा निजी वाहनों से भी कांवरिये सुल्तानगंज पहुंच रहे हैं। कई कांवरिया बाइक से भी आ रहे हैं।

याराना भक्त मंडल के सौ कांवरिया बासुकीनाथ हुए रवाना

याराना भक्त मंडल के एक सौ युवा कांवरिया पदयात्रा करते हुए बासुकीनाथ रवाना हुए। मौके पर युवाओं के बड़े भाई जॉनी संथालिया एवं मोंटी जोशी ने कांवरिया भाइयों पर पुष्प की वर्षा कर उन्हें यात्रा की शुभकामनाएं दी। बता दें कि उक्त भक्त मंडल के युवा साथी हर वर्ष बाबा भोलेनाथ की पूजा अर्चना को बासुकीनाथ जाते हैं। महापौर सीमा साहा और उपमहापौर राजेश वर्मा ने कांवरियों पर फूल की बारिश की।

अब भागलपुर से सिंगेश्वरनाथ महादेव को जल चढ़ाने जा रहे कांवरिया

हाल के वर्षो से अब कांवरिये बड़ी संख्या में गंगा घाट से जल भरकर मधेपुरा के सिंगेश्वरनाथ महादेव को जलाभिषेक करने जा रहे हैं। ये कांवरिये अधिकतर कटिहार, पूर्णिया, मधेपुरा, चौसा और गंगा पार नवगछिया आदि क्षेत्रों के होते हैं। चौसा के गणेश साह और राजेंद्र महलदार ने बताया कि जो लोग मन्नत रखते हैं। वहीं सावन में मुरादे पूरी करने के लिए बाबा को गंगा जल चढ़ाने जाते हैं। इसकी कड़ी में लोग बाइक और वाहनों से गंगा स्नान को सावन में भागलपुर आते हैं और यहां से जल भरकर बाबा सिंगेश्वरनाथ महादेव का जलाभिषेक करने जाते हैं।

इधर बरारी निवासी विशुन महलदार ने कहा कि पहले भागलपुर से भी बड़ी संख्या में लोग महा शिवरात्रि में जल चढ़ाने सिंगेश्वर जाते थे। वहां महाशिवरात्रि पर एक माह का बड़ा मेला लगता है। लेकिन अब जिनकी मन्नते होती है वहीं यहां से जल चढ़ाने जाते हैं।

सात सौ कांवरिया गए मनोकामना धाम

सावन हरियाली अमावस्या के अवसर पर बसंतराय मनोकामना शिव मंदिर के पुजारी बाबा बिहारी सिंह के नेतृत्व में करीब सात सौ शिवभक्त कांवरियों का जत्था कहलगांव में उत्तर वाहिनी गंगा में स्नान कर जलपात्र में जलभर कर बाबा जागेश्वरनाथ महादेव की पूजा अर्चना कर अहले सुबह बोल बम का जयकारा लगते गाजे बाजे के साथ रवाना हुए। ये सभी बसंतराय में मनोकामना मंदिर में स्थित भोलेनाथ पर जल अर्पण करेंगे। अमावस्या के अवसर पर कहलगांव एवं बटेश्वरस्थान में हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर बाबा बटेश एवं जागेश्वरनाथ महादेव पर जल अर्पण कर पूजा-अर्चना की।

काले के शिव के मनाइब हो शिव मानत नाही

जाह्नवी गंगा विकास परिषद और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में सावन माह के प्रत्येक दिन होने वाले गंगा महाआरती में गायक पवन पाठक ने भक्ति गीतों से जमकर समा बांधा। रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम में हजारों की संख्या में कांवरिया और आमजन ने हिसा लिया। कार्यक्रम में काले के शिव को मनाइब हो शिव मानत नाही... पर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। इसके बाद पवन पाठक ने एक से बढ़ के एक प्रस्तुति दी। गणेश वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत की गई। नंदी वृंदी नृत्य करत है पर श्रद्धालु जमकर थिरके। जेकर नाथ भोले नाथ वो अनाथ कैसे होई, बोलबम बोलबम बोल तेरा कुछ नहीं लगेगा मोल...चल रे कांवरिया शिव के धाम आदि गीतों की प्रस्तुति दी गई। सांस्कृतिक कार्यक्रम का कांवरियों के साथ साथ आमजन ने भी जमकर लुत्फ उठाया। इसके बाद विद्वान पंडितों द्वारा मां गंगा की भव्य आरती की गई। हर हर महादेव शंभू काशी विश्वनाथ गङ्गे की धुन पर हर हाथ गंगा के स्पर्श के लिए बढऩे लगे गए। इस दौरान महाआरती सभा के संजीव झा, प्रसिद्ध अंगिका कवि एस. के प्रोग्रामर, पर्यटन विभाग के मार्गदर्शक विनोद कुमार आदि मौजूद रहे।

हाथी ना घोड़ा, ना कौनो सवारी, पैदल ही आइबो तोर दुआरी

धाधी बेलारी कांवरिया महा शिविर में गुरुवार देर शाम भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। म्यूजिक कोऑर्डिनेटर अजय अटल ने बताया कि कलाकारों ने भक्ति गीत प्रस्तुत कर सभी को झूमने पर विवश कर दिया। चलो बुलावा आया है बाबा ने बुलाया है गीत गाकर कलाकारों ने कांवरियों को आनंदित कर दिया। कैमूर जिला से पहुंचे गायिका अंजली राज ने बेहतरीन भक्ति संगीत प्रस्तुत किया। भजन सम्राट सुनील मिश्र, अलका मिश्र, अमित मिश्र ने कई भक्ति गीत प्रस्तुत कर कांवरियों को आनंदित किया। घनश्याम कुमार, ओमप्रकाश, सोनू ने अपने वाद्ययंत्र से सभी को भक्ति गीतों की गंगा में सराबोर कर दिया। हाथी ना घोड़ा, ना कौनो सवारी, पैदल ही आइबो तोर दुआरी गाना शुरू होते ही कांवरियों के पैर थिरकने लगे। मौके पर जदयू विधायक सुबोध राय सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।

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Posted By: Dilip Shukla

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