भागलपुर, संजय सिंह। कल तक विदेश में नौकरी कर रहे लोगों को अब कोरोना के भय से वतन की याद आने लगी है। लगभग 284 लोग विदेश से पूर्व बिहार, कोसी और सीमांचल में आ चुके हैं। इनपर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की पैनी नजर है। इनमें कुछ वैसे भी लोग शामिल हैं, जो कोरोना के प्रकोप के पहले भारत आए थे, लेकिन अब लॉकडाउन होने के कारण वापस नहीं लौट पा रहे हैं। अधिकांश लोग दुबई, मलेशिया, जापान, कतर, इंडोनेशिया और चीन से आए हैं।

विदेश से सबसे अधिक 138 लोग जमुई में आए हैं। सुपौल व पूर्णिया में विदेश से आने वाले लोगों की संख्या नगण्य है। मुंगेर में कतर से आए एक व्यक्ति की कोरोना के कारण पटना में मौत हो गई। उनके दो परिजन भी कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। हालात यह हैं कि उक्त युवक के सात परिजन कुछ दिन पहले सदर अस्पताल से भाग चुके हैं।

मुंगेर के डीआइजी मनु महाराज कहते हैं कि बाहर से आए लोगों की जांच के लिए पुलिस और दंडाधिकारी के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई है। जो लोग जांच करवाना नहीं चाहेंगे या मामले को छिपाएंगे, उनके  खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अहम बात यह है कि ग्रामीण विदेश से आए लोगों से परहेज कर रहे हैं। ग्रामीणों को लगता है कि कोरोना बीमारी विदेश से आई है, इस कारण विदेश से आए लोगों से परहेज करना चाहिए। वैसे भी, जो लोग हाल-फिलहाल में लौटे हैं, वे अपने घर में ही आकर खुद को क्वारंटाइन किए हुए हैं। कई लोग आवागमन बंद होने के कारण परेशान हैं और विदेश नहीं लौट पा रहे हैं। विदेशी जीवनशैली में रहने के कारण यहां ऐसे लोगों को उनकी जरूरत की कई चीजें नहीं मिल पा रही हैं।

विदेश से आए लोगों की सूची

जमुई: 138

लखीसराय: 05

मुंगेर: 36

सुपौल: 00

सहरसा: 05

मधेपुरा: 05

अररिया: 16

खगडिय़ा: 01

किशनगंज: 32

कटिहार: 10

पूर्णिया: 00

भागलपुर: 22

बांका: 14

(कुल: 284)

Posted By: Amit Alok

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