जागरण संवाददाता, भागलपुर। VIRAL Fever Prevention: शिशुओं के बदले अब वयस्क महिला और पुरुषों में वायरल फीवर शिफ्ट हो रहा है। बुधवार को 70 से ज्यादा महिला और पुरुष वायरल फीवर से पीडि़त मिले वहीं शिशुओं की संख्या 20 से ज्यादा नहीं रही। इमरजेंसी शिशु विभाग में वायरल फीवर से पीडि़त चार शिशुओं को भर्ती किया गया। वयस्क महिला और पुरुष भी अब वायरल फीवर से पीडि़त होने लगे हैं, धीरे-धीरे इनकी संख्या में बढ़ोतरी हो रही है।

बुधवार को मायागंज अस्पताल के आउटडोर विभाग में अन्य दिनों की तुलना में मरीजों की संख्या कुछ कम रही। मेडिसीन विभाग में 122 पुरुष और 144 महिलाओं का इलाज किया गया। डा. अभिलेश कुमार ने कहा कि इनमें वायरल फीवर के मरीजों की संख्या 70 से ज्यादा है। पेट दर्द और टाइफाइड से लोग अभी भी पीडि़त हो रहे हैं। वहीं शिशु विभाग में 62 शिशुओं का इलाज किया गया। इनमें 20 बच्चे वायरल फीवर से पीडि़त मिले। वहीं इमरजेंसी शिशु वार्ड में चार वायरल फीवर से पीडि़त बच्चों को भर्ती किया गया।

विभाग के अध्यक्ष डा. केके सिन्हा ने कहा कि धीरे-धीरे वायरल फीवर से पीडि़त बच्चों की संख्या में कमी आने लगी है। उन्होंने कहा कि अब वैक्टीरिया वायरस से बच्चे पीडि़त हो रहे हैं। इससे अन्य लोगों को संक्रमित होने की संभावना कम रहती है।

डा. आरपी जायसवाल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से वयस्क वायरल फीवर से पीडि़त होने लगे हैं। मौसमी बुखार है। मौसम बदलने की वजह से भी पीडि़तों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने कहा कि अस्पताल के अलावा क्लीनिकों में भी वायरल फीवर से पीडि़त मरीज इलाज करवाने आ रहे हैं। सिर और बदन में दर्द, बुखार, सर्दी-खांसी इसके लक्षण है। हालांकि कुछ मरीजों में खांसी नहीं भी है। छह से आठ दिनों में स्वस्थ हो रहे हैं। उन्हें अन्य लोगों से संपर्क में नहीं आने की सलाह दी जा रही है। ठंडा पानी, कोल्ड ड्रि‍ंंक  बिल्कुल नहीं पानी चाहिए। इससे बीमार होने की संभावना बढ़ जाती है। फल खाने से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी।

Edited By: Dilip Kumar Shukla