संवाद सहयोगी, जमालपुर (मुंगेर)। ट्रेन में भगवान: योगनगरी और लौहनगरी के लोग आस्था सर्किट ट्रेन से सोमवार की देर रात तीर्थ यात्रा पर रवाना हुए। सबसे पहले इस ट्रेन का स्‍वागत योगनगरी मुंगेर के श्रद्धालुओं ने क‍िया। रेलवे के अधिकारी भी वहां मौजूूद थे। इंडियन रेलवे केटरिग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड (आइआसीटीसी) की ओर से चलाई गई आस्था सर्किट ट्रेन जमालपुर से हर हर महादेव, राधे कृष्ण, हरे राम हरे कृष्ण के जयघोष के साथ खुली। ट्रेन के एक कोच को मंदिर का स्वरूप दिया गया। साइड अपर बर्थ भगवान की तस्वीरें रखीं रखी गई है। आस्था सर्किट ट्रेन खुलते ही यात्री भजन कीर्तन शुरू हो गया। श्रद्धालु उज्जैन, ओम्कारेश्वर, सोमनाथ, द्वारिका, नागेश्वर, शिरडी, काशी विश्वनाथ, त्रयंबकेश्वर और स्टेचू आफ यूनिटी का भ्रमण करेंगे। 12 रात और 13 दिन के सफर जाने वाले श्रद्धालु यात्री काफी खुश दिखे।

ट्रेन में कोरोना गाइडलाइन का पालन दिखा। इससे सफर करने वाले यात्रियों को आइआरसीटीसी की ओर से फेस शिल्ड मास्क उपलब्ध कराया गया था। वरीय पर्यवेक्षक मनीष कुमार ने बताया कि कोरोना के बाद लोगों का मिजाज और मूड बदलने के उद्देश्य से ही आस्था सर्किट ट्रेन नहीं चलाई गई है। इस ट्रेन से सफर करने वालों का पूरा रिस्पान्स मिला। ट्रेन निर्धारित समय पर से खुली।श्रद्धालुओं की मांग पर आइआसीटीसी की ओर से विशेष ट्रेन चल रही है। कम खर्च में श्रद्धालु विभिन्‍न धार्मिक स्‍थलों को देख सकेंगे। कोरोना को देखते हुए इस ट्रेन के कोच से लेकर सीट तक को सैनिटाइज कर दिया गया है।

गरमा-गरम शुद्ध शाकाहारी भोजन श्रद्धालुओं को

तीर्थ यात्रा पर गए श्रद्धालुओं को गरमा गरम और शुद्ध शाकाहारी भोजन की व्यवस्था की गई है कोच में सफर के दौरान सुरक्षा भी पुख्ता इंतजाम है। उप महाप्रबंधक (पयर्टन, पूर्वी क्षेत्र) राजेंद्र बोरबान ने बताया कि श्रद्धालुओं के हर सुविधाओं का ध्यान रखा गया है। कोरोना नियमों का पालन किया गया है। हर कोच, शौचालय से लेकर सामानों को सैनिटाइज किया गया है। सैनिटाइज, मास्क और फेस शिल्ड भी श्रद्धालुओं को दिए गए। ट्रेन में चिकित्‍सकीय जांच की भी सुविधा है। सभी को आरओ का पानी की व्यवस्था की गई है।

Edited By: Dilip Kumar Shukla