जागरण संवाददाता, भागलपुर। कोरोना से स्वस्थ हुए लोग अब नई बीमारी (बाल झडऩे) की चपेट में आने लगे हैं। पिछले दो माह में इस तरह के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) के चर्म एवं गुप्त रोग विभाग में प्रतिदिन ऐसे सात से 10 मरीज इलाज करवाने पहुंच रहे हैं। ये सभी मरीज पहले कोरोना संक्रमित हो चुके हैं।

हाइलाइटर्स :-

- 25 से 50 वर्ष तक के लोगों में बाल झडऩे की बढ़ी समस्या

जेएलएनएमसीएच के चर्म एवं गुप्त रोग विभाग के अध्यक्ष डा. राजीव कुमार ने बताया कि प्रतिरोधक क्षमता में कमी की वजह से बाल झडऩे की बीमारी बढ़ी है। 25 से 50 वर्ष तक के लोग इस बीमारी से परेशान हैं। अस्पताल से लेकर क्लीनिकों तक में ऐसे मरीज आ रहे हैं। पहले प्रतिदिन दो से तीन मरीज इलाज करवाने पहुंच रहे थे। अब ऐसे मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है।

बाल झडऩे की वजह

डा राजीव ने कहा कि जो लोग कोरोना संक्रमित हुए हैं, उनकी प्रतिरोधक क्षमता में कमी आ गई है। विटामिन सी की कमी से भी बाल झड़ते हैं। जिनमें विटामिन सी की मात्रा काफी कम होती है वे जल्दी कोरोना की चपेट में आ जाते हैं। संक्रमणमुक्त होने के बाद प्रतिरोधक क्षमता बढऩे में समय लगता है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण से दो माह पहले स्वस्थ हुए लोगों में बाल झडऩे की शिकायत अधिक देखी जा रही है। हालांकि बरसात के मौसम में भी बाल झड़ते हैं। लेकिन वह स्वाभाविक होता है।

क्या बरतें सावधानी

बाल की अच्छी तरह सफाई करें, फास्ट फूट, बाजार की खाद्य सामग्रियां नहीं खाएं। विटामिन सी का सेवन करें। मौसमी फलों का सेवन करें।

केस स्टडी - 01

मिरजानहाट के शंभु ङ्क्षसह ने कहा कि दो माह पहले कोरोना से संक्रमित हुआ था। अब बाल झडऩे लगे हैं। अस्पताल में इलाज करवा रहा हूं।

केस स्टडी - 02

भीखनपुर की रानी देवी भी कोरोना से संक्रमित हुई थीं। धीरे-धीरे इनके बाल झडऩे लगे। क्लीनिक में इलाज करवा रही हूं। खानपान में भी सुधार किया है।  

Edited By: Abhishek Kumar