जागरण संवाददाता, भागलपुर। जिले में सड़क दुर्घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। दो वर्षों में 690 स्थानों पर घटनाएं घटी हैं। 503 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 590 लोग घायल हुए हैं। मरने वालों में अधिकांश मोटर साइकिल सवार शामिल हैं। हेलमेट नहीं पहनने की वजह से अधिकांश लोगों की मौत हुई है।

भागलपुर पुलिस जिले में पिछले वर्ष 160 स्थानों पर सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इस घटना में 126 लोगों की मौत हो गई और 102 लोग घायल हो गए। नवगछिया पुलिस जिले में 159 स्थानों पर सड़क दुर्घटना घटी, जिसमें 127 लोगों की मौत हो गई और 198 लोग घायल हो गए। वहीं 2019 में भागलपुर पुलिस जिले में 234 स्थानों पर घटना घटी। 158 लोगों की मौत हुई और 203 लोग घायल हुए। नवगछिया पुलिस जिले में 137 स्थानों पर घटना घटी। 92 लोगों की मौत हो गई, जबकि 87 लोग घायल हुए। 2019 की तुलना में भागलपुर पुलिस जिले में सड़क दुर्घटनाएं कम हुईं, जबकि नवगछिया पुलिस जिले में घटनाएं बढ़ गई। आश्चर्यजनक बात यह है कि सबसे अधिक दुर्घटनाएं लॉकडाउन के दौरान जून में हुई। इस माह भागलपुर पुलिस जिले में में 22 स्थानों पर दुर्घटना घटी और 19 लोगों की मौत हो गई और आठ लोग घायल हुए, जबकि नवगछिया पुलिस जिले में 16 स्थानों पर घटना घटी और 13 लोगों की मौत हुई और 16 लोग घायल हो गए। 2019 के जून में ही सर्वाधिक सड़क दुर्घटनाएं घटी थीं। 41 स्थानों पर घटनाएं घटी थीं। 27 लोगों की मौत हुई थी और 32 लोग घायल हुए थे। सबसे कम दुर्घटना अप्रैल में हुई। इस महीने मात्र नौ स्थानों पर घटना घटी और सात लोगों की मौत हुई। मात्र तीन लोग घायल हुए।

सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन कर सुरक्षित यात्रा करें

समाहरणालय स्थित समीक्षा भवन में सोमवार को कार्यक्रम आयोजित कर 32वें सड़क सुरक्षा माह का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन महापौर सीमा साह, सांसद अजय कुमार मंडल, विधायक अली अशरफ सिद्दीकी, डीएम सुब्रत कुमार सेन, एसएसपी नताशा गुडिय़ा, क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार के सचिव बारिश खां, डीडीसी सुनील कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी फिरोज अख्तर, एडीएम राजेश झा राजा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। मौके पर संबोधित करते हुए सांसद ने कहा कि एक माह तक चलाए जाने वाले सड़क सुरक्षा माह के तहत लोगों को मोटर अधिनियम का अनुपालन व सुरक्षित यातायात के लिए जागरूक किया जाएगा। इससे लोगों में सड़क दुर्घटना के प्रति सावधानी बरतने की जानकारी मिलेगी। नाथनगर के विधायक ने कहा कि नाबालिगों को वाहन चलाने के लिए अभिभावक देते हैं, जो गलत है। अभिभावकों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक होना होगा। डीएम ने कहा कि सड़क सुरक्षा माह का आयोजन सिर्फ लोगों को जागरूक करने के लिए किया जा रहा है। इसका अनुपालन लोग स्वयं करें तो ही बेहतर है, क्योंकि जागरूकता के बाद भी लोग सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन नहीं करते। इससे आए दिन दुर्घटना हो रही है। इसके जरूरी है सड़क सुरक्षा के नियमों को जान कर उसका अनुपालन हर हाल में लोग करें। इससे आमलोग सुरक्षित रहेंगे। एसएसपी ने कहा कि यातायात नियम का अनुपालन नहीं करने से आए दिन लोगों को दुर्घटना का शिकार होना पड़ रहा है। नियमों का पालन नहीं करने से ही अधिकांश दुर्घटनाएं होती हैं। इससे बचाव के लिए सभी को जागरूक होना जरूरी है। कार्यक्रम का संचालन डीटीओ ने किया। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम 18 जनवरी से 19 फरवरी तक चलेगा। इस बीच कई कार्यक्रम होंगे। लोगों को जागरूक किया जाएगा। विद्यालयों में प्रतियोगिता आयोजित कर लोगों को जागरूक किया जाएगा। कार्यक्रम के समापन के बाद जागरूकता रथों को जिले के विभिन्न प्रखंडों में सांसद ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस मौके पर डॉ. अजय कुमार सिंह, मोटर यान निरीक्षक अनिल कुमार, सदर एसडीओ आशीष नारायण सहित अन्य पदाधिकारी व कर्मी मौजूद रहे।

चालकों की आंखों की हुई जांच

जागरूकता रथ सबसे पहले बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के स्टैंड पर पहुंचा। जहां क्षेत्रीय प्रबंधक अशोक कुमार सिंह, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक उडऩदस्ता देवेश चौरसिया सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। यहां चालकों के आंखों की जांच की गई और यातायात के नियमों की जानकारी दी गई।

 

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