सुपौल, जेएनएन। छोटे किसानों के मदद के लिए सरकार द्वारा संचालित किसान सम्मान निधि योजना में जिले में बड़ी गड़बड़ी का मामला उजागर हुआ है। छोटे किसानों के लिए चल रही केंद्र सरकार की इस योजना में बड़े तथा संपन्न किसान भी सरकार से आर्थिक लाभ उठा लिए हैं। जिले में ऐसे 600 किसानों की पहचान की गई है जो छोटे किसानों की हकमारी करके इस योजना का लाभ उठा रहे हैं।

सरकार ने अब ऐसे चिन्हित संपन्न किसानों से योजना की राशि वसूली करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में जिला कृषि पदाधिकारी समीर कुमार ने बताया कि योजना का लाभ ले रहे ऐसे 600 किसानों से राशि वसूली करने के लिए कृषि समन्वयकों के माध्यम से संबंधित किसानों को नोटिस भेजी जा रही है। दरअसल किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिए सरकार ने कुछ शर्तें दे रखी थी। शर्त को पूरा करने वाले किसान ही इस योजना के सही लाभुक माने जाते हैं। जैसे कि यदि कोई किसान स्वयं सरकारी नौकरी में हो तथा वह आयकर दाता हो तो ऐसे किसान इस योजना के पात्र नहीं माने जाएंगे।

जिले में जिन 600 लाभुक किसानों को राशि वसूली के लिए चिन्हित किया गया है उनमें सभी आयकर दाता हैं। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि चिन्हित वैसे किसानों से रुपये वापस लेने की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। ऐसे किसानों की सूची कृषि समन्वयकों को उपलब्ध कराई गई है तथा उनसे सरकारी राशि सीधे सरकारी खाते में जमा करने को कहा गया है। यदि किसान 15 दिसंबर तक रुपए वापस नहीं करते हैं तो फिर उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू की जाएगी। ऐसे अपात्र किसानों का नाम भी अब आगे की सूची से हटा दी गई है

35 लाख 42 हजार की होगी वसूली

किसान सम्मान निधि योजना के तहत जिले में 02 लाख 62 हजार 867 लाभुक किसान हैं। जिनमें से 600 किसानों ने गलत तरीके से करीब 35 लाख 42 हजार रुपए लाभ हासिल किए हैं। इनमें से कई किसानों ने 2 हजार का एक किस्त तो कुछ ने 6 किस्तों की 12 हजार रुपये तक भुगतान लिया है।

आधार नंबर से खुला राज

छोटे किसानों के हकमारी करने का यह राज आधार कार्ड से खुल पाया है। दरअसल किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को आवेदन के साथ अपना बैंक खाता संख्या के साथ-साथ आधार कार्ड का नंबर भी देना होता था। आवेदन पत्र के साथ संलग्न यही आधार कार्ड का नंबर इन संपन्न किसानों के चेहरे को उजागर किया है। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि आयकर देने वाले व्यक्तियों तथा योजना का लाभ लेने वाले किसानों के आधार नंबर से जब मिलान किया गया तो यह फर्जीवाड़ा सामने आया है।

जिले के 600 फर्जी किसानों को चिन्हित किया गया है। जो योजना का लाभ भी ले रहे थे और वे करदाता भी थे। फिलहाल फर्जीवाड़ा करने वाले किसानों को नोटिस भेजी जा रही है। -समीर कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी

 

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