भागलपुर। मानिक सरकार घाट स्थित जेपी रेजेंसी के तीसरे तल्ले पर मंगलवार को दिन में दवा व्यवसायी आशीष रक्षित का शव कमरे में फंदे से लटकता मिला। उनका कमरा खुला हुआ था और तेज आवाज में टीवी चल रही थी। जिस समय घटना हुई, उस वक्त उनकी बहू एक कदम की दूरी पर किचन में खाना बना रही थी। उन्हें इसकी भनक तक नहीं लगी। उनकी पत्‍‌नी सुनंदा रक्षित कांग्रेस की जिला उपाध्यक्ष हैं। घटना की जानकारी मिलने पर सिटी डीएसपी राजवंश सिंह और जोगसर इंचार्ज विश्वबंधु कुमार जांच के लिए मौके पर पहुंचे। आशीष दुमका नगर परिषद की दो बार चेयरमैन रह चुकी अमिता रक्षित के रिश्तेदार हैं। जिस समय घटना घटी बहू किचन में बना रही थी खाना

जिस समय घटना घटी उनकी पत्‍‌नी सुनंदा रक्षित पूजा के लिए काली मंदिर गई थी जबकि बेटा भी किसी काम के सिलसिले में बाहर था। जब उनकी पत्‍‌नी पूजा करके घर पहुंची और कमरे में गई तो अंदर का दृश्य देख अवाक रह गई। वह चिल्लाने लगी तभी घर व आसपास के फ्लैट में रहने वाले लोग भी वहां जमा हो गए। उन लोगों ने घटना की जानकारी जोगसर पुलिस को दी। इंचार्ज विश्वबंधु कुमार मौके पर पहुंचे। उनकी निगरानी में शव को उतारा गया। इसके बाद जरूरी प्रक्रिया के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा। कई बीमारी के कारण थे अवसाद में

बेटे अमित ने बताया कि उसके पिता कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे। उन्हें मिर्गी और मधुमेह था। पिछले छह साल से वे दवा खा रहे हैं। हाल में उन्हें पिता ने कहा था कि जल्द ही डॉक्टर से चेकअप के लिए जाएंगे। स्वजनों ने तनाव में होने की बात कही। उनका कहना है कि लॉकडाउन के दौरान व्यापार पर भी भी असर पड़ा, जिससे पिता को दिक्कतें हो रही थी। हालांकि पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है। बेटे अमित रक्षित के बयान पर यूडी केस दर्ज किया गया है। घर में उनकी पत्‍‌नी का रोकर बुरा हाल था। ढाढ़स बंधाने पहुंचे नगर विधायक

घटना की जानकारी होने पर कांग्रेस के नगर विधायक अजीत शर्मा सुनंदा रक्षित के घर पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह काफी दुखद घटना है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर आत्महत्या जैसे कृत्य के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाएगी। सांत्वना देने कांग्रेस के कई अन्य नेता भी पहुंचे थे।

Posted By: Jagran

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