भागलपुर, जेएनएन। प्रवासी श्रमिकों को रोजगार देने के पूर्व काउंसिलिंग की जाएगी। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। प्रवासियों का श्रम साधन पोर्टल पर निबंधन किया गया है। इसमें श्रमिकों के कार्य, योग्यता और अनुभव का वर्णन दर्ज किया हुआ है। जल्द ही पोर्टल के माध्यम से रोजगार मिलेगा। विभिन्न विभागों में अधिकारी, कार्यपालक अभियंता, सीओ, बीडीओ को पत्र भेजा गया है।

मुद्रा योजना कारगर

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत कार्यशील पूंजी लेकर रेडिमेड गारमेंट तैयार कर सकते हैं। पहले चरण में दो लाख रुपये से उद्योग शुरू कर सकते हैं। जिला उद्योग केंद्र में आवेदन करने पर इसका लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से 50 हजार रुपये का ऋण लेकर रोजगार की शुरुआत कर सकते हैं। इसके लिए पैन कार्ड, आधार कार्ड व बैंक खाता लेकर उद्योग केंद्र में आवेदन कर सकते हैं।

इन कागजातों को लगाएं

ऋण के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता, जाति प्रमाण पत्र व शैक्षणिक प्रमाण पत्र के साथ आवेदन करें। इसके लिए अधिकतम 25 लाख रुपये तक लोन मिलेगा। ऑनलाइन आवेदन जमा करना होगा।

रिपयेरिंग क्षेत्र में भी संभावना

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना से निर्माण क्षेत्र में 25 लाख व सेवा क्षेत्र में 10 लाख रुपये तक के ऋण की व्यवस्था है। सेवा क्षेत्र में गैरेज, टेंट हाउस, रिपयेरिंग सेक्टर में इसका लाभ ले सकते हैं। इसमें न्यूनतम आठवीं पास शैक्षणिक योगयता चाहिए। योजना के तहत शहरी क्षेत्र के सामान्य जाति को 15 फीसद एवं एससी, एसटी, ओबीसी व महिला को 25 फीसद अनुदान है। जबकि ग्रामीण क्षेत्र में सामान्य वर्ग को 25 फीसद व एससी, एसटी, ओबीसी, महिला व दिव्यांग को 35 फीसद अनुदान मिलेगा।

मुख्यमंत्री उद्यमी योजना का मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति, जनजाति व अत्यंत पिछड़ा उद्यमी योजना का लाभ ले सकते हैं। जिले में 212 एससी व एसटी को एवं ईबीसी के 37 लोगों को योजना लाभ मिलेगा। इसके लिए इंटर पास होना अनिवार्य है। इस योजना में 50 फीसद सरकार अनुदान देती है, जबकि शेष 50 फीसद अनुदान को 84 किस्तों में बिना ब्याज के बैंक को वापस करना होता है। इससे नए उद्योग स्थापित किए जा सकेंगे।

स्टैंडअप योजना से लाभ

एससी व एसटी व महिला अगर उद्योग लगाना चाहते हैं तो स्टैंडअप इंडिया से 10 लाख से एक करोड़ रुपये तक बिना सिक्यूरिटी के ऋण प्राप्त कर सकते हैं।

एसआइपी से बड़े उद्योग करें स्थापित

10 करोड़ तक तक बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति के अंतगर्त उद्योग स्थापित करने के लिए राज्य सरकार अनुदान देती थी। इसमें जमीन अनुदान, बिक्री शुल्क, परिवर्तन शुल्क उत्पादन प्रारंभ होने के बाद दी जाती है। 50 फीसद एसजीएसटी का राज्यांश लाभ भी मिलता है।

प्रवासियों को रोजगार देने के पूर्व काउंसिलिंग की जाएगी। इसकी तैयारी शुरू दी गई है। संबंधित विभाग को वेकेंसी के लिए पत्र लिखा गया है। - रामशरण राम, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र

मुख्‍य बातें

-55499 प्रवासी पहुंचे हैं भागलपुर

-5500 प्रवासी गुपचुक तरीके से पहुंचे हैं जिले में

-30057 प्रवासी श्रमिकों का हुआ निबंधन

-24 हजार अकुशल श्रमिक

-06 हजार कुशल श्रमिक

-6394 श्रमिकों की वेकेंसी मिली है विभिन्न उद्योगों से

-3000 प्रवासी को मिला है मनरेगा के तहत जॉब कार्ड

- 470 सूक्ष्म व लघु उद्योग हैं जिले में 

-1200 यूनिट का उद्योग विभाग से निबंधित

-1100 सूक्ष्म उद्योग की संख्या

-95 लघु उद्योग

-05 पांच मध्यम उद्योग

इन्हें मिलेगा काम

प्रवासी मजदूरों जिनमें राज मिस्त्री, चापाकल व मोटर ठीक करने वाले मिस्त्री, बढ़ई, पेंटर, इलेक्ट्रिकल, फिटिंग, कास्ट ढलाई, कपड़ा बुनाई, धागा बुनाई, वस्त्र उद्योग, कंप्यूटर, रंगाई-कढ़ाई, कुरियर, एसी, कूलर, पंखा मरम्मत आदि से जुड़े हैं। उन्हें रोजगार मुहैया कराया जाएगा।

 

Posted By: Dilip Shukla

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