भागलपुर। लॉकडाउन में छूट मिलने के बाद फील्ड में काम करने वालों की चुनौतियां बढ़ गई हैं। इसमें सबसे ज्यादा कठिनाई दिन रात-ड्यूटी में तैनात पुलिस वालों को है। जो हमेशा आम लोगों के संपर्क में आते हैं। थानों, पुलिस चौकी, कार्यालय से लेकर फील्ड में चौक-चौराहों पर तैनात पुलिस वालों में संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा है। इसके बाद भी इन पुलिस वालों की जांच के नाम पर पुलिस लाइन में केवल थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था है। वहीं, जिन्हें भी कोरोना संक्रमण को लेकर शंका होती है, उन्हें जांच के लिए भेजा जाता है। फील्ड में जाने पर और बढ़ जाती है परेशानी

थानों में तैनात पुलिस वालों को अक्सर अपराधियों की धरपकड़ के लिए जाना होता है। इन जगहों पर संक्रमण से खुद को बचाए रखना बड़ी चुनौती है। इसके अलावा कार्यालय में भी लोगों की आवाजाही होता है। लॉकडाउन में छूट के बाद ज्यादातर पुलिस वाले मॉस्क का उपयोग भी नहीं करते हैं। सैनिटाइजर टनल की व्यवस्था

पुलिस लाइन में छह सौ पुलिसकर्मी रहते हैं। इसमें वैसे पुलिस वाले भी शामिल हैं, जो दिन भर फील्ड ड्यूटी करते हैं और पुलिस लाइन में रहते हैं। ऐसे पुलिस वालों के लिए मुख्य द्वार पर सैनिटाइजर टनल लगाया गया है। सैनिटाइज होने के बाद ही पुलिसकर्मियों को अंदर आने की अनुमति दी जाती है। साथ ही एसएसपी आशीष भारती लगातार पुलिस वालों को मॉस्क और सैनिटाइजर का उपयोग करने को लेकर निर्देश दे रहे हैं। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिस वालों के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किया है। अधिक उम्र वाले पुलिसकर्मियों की निगरानी

एसएसपी ने जिले में तैनात ज्यादा उम्र के पुलिसकर्मियों की निगरानी के लिए भी टीम बनाई है। जो उनके स्वास्थ्य की निगरानी करते हैं। किसी भी तरह की दिक्कतें होने पर उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है। कोट :

कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए फील्ड व कार्यालय में तैनात पुलिस वालों के लिए दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। इससे मिलते जुलते लक्षण दिखने पर तत्काल पुलिस वालों की जंाच अस्पताल में कराई जाती है।

- आशीष भारती, एसएसपी भागलपुर

Posted By: Jagran

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