भागलपुर। भागलपुर से बाबानगरी (देवघर) तक रेल विद्युतीकरण का रास्ता साफ हो गया है। भागलपुर से बांका स्टेशन होते हुए देवघर स्टेशन तक विद्युतीकरण होगा। रेलवे की ओर से इसके लिए फंड भी रिलीज कर दिया गया है, जल्द काम शुरू होगा।

मार्च, 2022 तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद भागलपुर से देवघर के बीच सीधी रेल सेवा भी बहाल हो जाएगी। दोनों स्टेशनों के बीच इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनें चलेंगी। आने वाले कुछ वर्षो में डीजल इंजन की जगह इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनें चलाने की योजना है। भागलपुर से बांका-चानन होकर देवघर की दूरी 118 किलोमीटर की है। भागलपुर के रास्ते एक साप्ताहिक एक्सप्रेस का परिचालन अगरतल्ला-देवघर के बीच हो रहा है। विद्युतीकरण के बाद इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (ईएमयू) परिचालन शुरू हो जाएगा। ईएमयू के चलने से भागलपुर से देवघर के बीच का सफर तीन से साढ़े तीन घंटे में पूरा होगा। भागलपुर के यात्रियों को देवघर जाने के लिए सड़क का सहारा नहीं लेना होगा। यात्रा और भी सुगम हो जाएगी।

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अभी मंदारहिल-दुमका के बीच शुरू हुआ काम

साहिबगंज-भागलपुर-किऊल रेल ट्रैक के विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने के बाद रेलवे का फोकस अभी भागलपुर-मंदारहिल-दुमका रेल सेक्शन पर है। इस खंड पर विद्युतीकरण का काम शुरू हो गया है। खंभा लगाने के लिए गड्ढे भी खोदने का काम चल रहा है। रेल अधिकारियों का कहना है कि भागलपुर-मंदारहिल-दुमका-बांका-देवघर रेल सेक्शन का विद्युतीकरण करना है। विद्युतीकरण योजना के एईई राजू कुमार ने बताया कि इस रेलखंड पर डीजल इंजन की जगह इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनें चलेंगी। इन सेक्शनों का विद्युतीकरण मार्च, 2022 तक पूरा हो जाएगा।

Posted By: Jagran

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