भागलपुर, जेएनएन। सृजन महिला सहयोग समिति की संस्थापिका मनोरमा देवी और बैंक अफसरों के बीच की कड़ी व कलिंगा सेल्स के मालिक एनवी राजू की अलग-अलग तीन संपत्तियों को बैंक ऑफ बड़ौदा ने शनिवार को जब्त कर लिया। दंडाधिकारी और पुलिस की निगरानी में बैंक के अधिकारी ने मकान और जमीन को कब्जे में ले लिया। जमीन और मकान के गेट पर इससे संबंधित नोटिस चिपकाया गया है। बता दें कि सृजन घोटाला की किंगपिन मनोरमा देवी के घर पर राजू की बैंक अफसरों के साथ बैठकी होती थी।

1.55 करोड़ की जब्त हुई संपत्ति 

राजू की 1.55 करोड़ की संपत्ति जब्त हुई है। बैंक ऑफ बड़ौदा की घंटाघर शाखा ने लोन नहीं चुकाने पर राजू की संपत्ति नीलाम कर बकाये की वसूली की प्रक्रिया शुरू की है। बैंक का राजू पर एक करोड़ 55 लाख 85 हजार 366 रुपये और 28 पैसे के अलावा ब्याज और अन्य शुल्क मिलाकर 1.88 करोड़ बकाया है। बैंक जब्त संपत्ति को बेचकर यह वसूली करेगा। बैंक के कानूनी सलाहकार केशव झा ने बताया कि बैंक ने कलिंगा सेल्स के मालिक को बकाया नहीं देने पर डिमांड नोटिस भेजा था। कोई जवाब नहीं आने के बाद कार्रवाई की गई है। बैंक ने अब ई-नीलामी कर उसकी जब्त संपत्ति को बेचकर लोन अकाउंट को एडजस्ट करने का निर्णय लिया है। 

मनोरमा और बैंक के बीच कड़ी

मनोरमा देवी के घर पर राजू की बैंक अफसरों के साथ बैठकी होती थी। वह सृजन के खाते में सरकारी राशि जमा करने का आदेश देने वाले भागलपुर के एक पूर्व डीएम के काफी करीब था। सूबे के कई बड़े अफसरों से भी उसकी नजदीकी होने की बात सामने आई है। कुछ अफसरों के पैसे भी उसके कारोबार में लगे हैं। सृजन घोटाला में सीबीआइ ने एनवी राजू पर चार्जशीट की है। सीबीआइ के पिछले वर्ष जून में चार्जशीट करते ही राजू यहां से कारोबार समेटकर चंपत हो गया। सरकारी राशि सृजन के खाते में जमा और निकासी करने में राजू की भूमिका थी। राजू द्वारा भरे गए कई चेक भी मिले हैं। खलीफाबाग चौक और कचहरी के निकट उसके व्यापारिक प्रतिष्ठान थे। राजू अपने गृह जिला भुवनेश्वर में शिफ्ट हो चुका है। उसने ओडिशा में अपना बड़ा कारोबार फैलाया है। 

Posted By: Rajesh Thakur

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