भागलपुर। बाढ़ और सुखाड़ से फसलों को हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए आवेदन करने वाले 15 हजार 590 किसानों को सरकारी अनुदान नहीं मिलेगा। सत्यापन में गलत पाए जाने के कारण इन किसानों के आवेदन रद कर दिए गए हैं।

पिछले वर्ष जिले में बाढ़ की वजह से कई प्रखंडों में हजारों एकड़ में लगी फसल बर्बाद हो गई थी। वहीं, कुछ प्रखंड़ों में किसानों को सुखाड़ की मार भी झेलनी पड़ी थी। जिले के 90 हजार 398 किसानों ने अनुदान के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था, जिसमें बाढ़ से फसल को नुकसान होने से संबंधी 74 हजार 166 किसान, सुखाड़ से संबंधित 15 हजार 754 और गाद से फसल को हुए नुकसान से संबंधित 478 किसानों ने आवेदन किया था। इसमें से जांच में गलत पाए जाने पर 15,590 किसानों के आवेदन रद कर दिए गए। इन आवेदनों में से कृषि समन्वयक स्तर पर 15 हजार 372, जिला कृषि पदाधिकारी ने 215 और एडीएम ने तीन आवेदनों को रद किया है।

--------------------

19,107 आवेदन अबतक लंबित

किसानों द्वारा किए आवेदनों में 19 हजार 107 आवेदनों का अब तक सत्यापन नहीं हो पाया है, जबकि जनवरी 2020 तक ही कृषि समन्वयकों को सत्यापन का काम पूरा कर लेना था। सत्यापन में लापरवाही बरतने वाले 31 पंचायतों के कृषि समन्वयक और किसान सलाहकारों के जनवरी माह के वेतन पर रोक लगा दी गई है। जिला कृषि पदाधिकारी केके झा ने सभी समन्वयकों से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही 13 फरवरी तक लंबित आवेदनों का सत्यापन कार्य पूरा कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

----------------------

किस मद में अनुदान की राशि

-असिंचित में प्रति हेक्टेयर 6800 रुपये

-सिंचित में प्रति हेक्टेयर 13,500 रुपये

-बहुवर्षीय फसल में प्रति हेक्टेयर 18 हजार रुपये

-गाद से फसल को हुए नुकसान के लिए प्रति हेक्टेयर 12,200 रुपये

-------------------

कोट

13 फरवरी तक लंबित आवेदनों का सत्यापन पूरा नहीं करने वाले कृषि समन्वयक और किसान सलाहकारों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

-केके झा, डीएओ, भागलपुर।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस