भागलपुर, जेएनएन। उम्र विवाद मामले में भागलपुर की मेयर सीमा साहा की अग्रिम जमानत अर्जी पर 10 फरवरी को सुनवाई होगी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय ने अग्रिम जमानत की अर्जी को प्रथम एडीजे विनोद कुमार तिवारी की अदालत में स्थानांतरित कर दिया। प्रथम एडीजे की अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी पर सुनवाई के लिए 10 फरवरी की तिथि तय की गई है।

सीमा साहा पर उम्र छिपाने का आरोप लगा शिकायत दर्ज कराई गई थी। मौजूदा वार्ड पार्षद व पूर्व डिप्टी मेयर डॉ. प्रीति शेखर ने सीमा साहा पर उम्र छिपाने का आरोप लगाते हुए तत्कालीन डीआइजी विकास वैभव से लिखित शिकायत की थी। सीमा साह ने वार्ड 50 से पार्षद का चुनाव जीता था और बाद में मेयर चुनी गईं। तत्कालीन डीआइजी ने एसएसपी आशीष भारती को तब जांच सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया था। इस मामले में प्रीति के बयान पर जोगसर पुलिस चौकी में सात जून 2017 को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। पुलिस ने जांच में आरोप सत्य पाया।

मेयर की गिरफ्तारी के लिए कोर्ट जाएगी पुलिस

उम्र विवाद मामले में फंसी मेयर सीमा साहा की गिरफ्तारी के लिए जोगसर पुलिस कोर्ट जाएगी। इसके लिए सोमवार को पुलिस कोर्ट में अर्जी दाखिल करेगी। इससे पहले शुक्रवार को जमानत के लिए 41 सी का नोटिस लेकर जोगसर इंचार्ज विश्वबंधु कुमार मेयर के पास पहुंचे, लेकिन उन्होंने जोगसर इंचार्ज से नोटिस लेने और हस्ताक्षर करने से इन्कार कर दिया। सिटी एसपी सुशांत कुमार सरोज ने कहा कि मेयर ने नोटिस लेने से इन्कार किया है। अब उनकी गिरफ्तारी के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल करने का निर्देश जांचकर्ता को दिया गया है।

बता दें कि नगर निगम चुनाव के दौरान मेयर पर शपथ पत्र में गलत उम्र भरने का आरोप है। इसको लेकर पूर्व डिप्टी मेयर डॉ. प्रीती शेखर ने सात जून 2017 को जोगसर पुलिस चौकी में केस दर्ज कराया था। पुलिस की जांच में आरोप सही निकले।

डिप्टी मेयर व कई पार्षदों ने समझाया, फिर भी नहीं मानी मेयर

जिस समय जोगसर पुलिस मेयर को नोटिस देने पहुंची थी उस समय स्थायी समिति की बैठक चल रही थी। बैठक खत्म होने के बाद पुलिस नोटिस लेकर मेयर के चैंबर में पहुंची, लेकिन मेयर ने नोटिस लेने से इन्कार कर दिया। उन्हें वहां मौजूद डिप्टी मेयर राजेश वर्मा व अन्य पार्षदों ने समझाया, लेकिन मेयर ने किसी की एक ना सुनी। चैंबर से बाहर निकलते ही वह अपनी गाड़ी में बैठक चली गईं। पहले भी दो बार जोगसर पुलिस मेयर को नोटिस देने के लिए गई थी, लेकिन मेयर नगर निगम कार्यालय में नही थीं। इस कारण पुलिस को बैरंग लौटना पड़ा। शनिवार को तीसरी बार पुलिस उन्हें नोटिस देने के लिए गई थी।

Posted By: Dilip Shukla

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