भागलपुर । कपड़े पहनने से इज्जत होती है, उतारने से नहीं। वहीं महिलाएं अच्छी लगती हैं जिन्होंने पूरे कपड़े पहनें हैं। शनिवार को गोशाला में विश्वशांति सेवा समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रवचन के दौरान देवकी नंदन ठाकुर ने कही।

उन्होंने कहा कि सुंदर लगने के लिए महिलाओं को कपड़े पहनना जरुरी है। रामायण में भी ये बातें लिखी हुई हैं। उन्होंने कहा कि भगवान, माता-पिता और गुरूजनों का आसन उपर होता है। बच्चों और शिष्यों को हमेशा माता-पिता और गुरुजनों के चरणों में बैठना चाहिए। यही भारतीय संस्कार भी है। विदेशी भी भारतीय कल्चर की प्रशंसा करते हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति ओबामा भी भारत के कल्चर की प्रशंसा कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के जन्म दिन पर मोमबती नहीं मंदिर में दीये जलाएं। उन्होंने कई भक्ति गीत गायक वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

महापौर दीपक भुवानियां ने देवकीनंदन के आर्शीवाद लिए। इस अवसर पर कुसुम शर्मा,उदय भारतीय, अनिता लोहिया, निशीत मिश्रा, रवि खेतान, सूरत शर्मा, चांद झुनझुनवाला, भूषण आदि उपस्थित थे।