बेगूसराय। मंगलवार को थाना क्षेत्र के अकहा के ग्रामीणों ने गांव के सत्यनारायण सदा की गुमशुदगी के मामले में बखरी पुलिस की निष्क्रियता के खिलाफ बाजार के आंबेडकर चौक से अनुमंडल कार्यालय तक आक्रोश मार्च निकाला। इसके पूर्व ग्रामीण बाजार के आंबेडकर चौक पर एकत्रित हुए और सड़क जाम करने की कोशिश की। घटना को लेकर महिलाओं में जबरदस्त आक्रोश देखा गया। हालांकि मार्च में शामिल कुछ लोगों के हस्तक्षेप के बाद महिलाएं शांत हुईं और जुलूस वहां से निकल कर एसडीओ कार्यालय पहुंचा। इस दौरान लोगों ने बखरी पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का कहना था कि थाना क्षेत्र के अकहा गांव निवासी सत्यनारायण सदा बीते एक महीने से लापता हैं। आशंका है कि अपराधियों ने उनकी हत्या कर शव को गायब कर दिया है। जिन अपराधियों पर घर से बुलाकर अपहरण के बाद हत्या कर शव गायब करने का आरोप है, उन्हें गिरफ्तार करने के बजाए पुलिस संरक्षण दे रही है। अपराध में शामिल सत्यनारायण सदा की पत्नी को पकड़ कर पुलिस ने थाने से छोड़ दिया है। पुलिस मामले में पूरी तरह निष्क्रिय बनी हुई है।

इधर पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने एसडीओ अशोक कुमार गुप्ता से मुलाकात कर उन्हें मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। इसमें बखरी थानाध्यक्ष बासुकीनाथ को थाना से हटाने, एसआइटी का गठन कर मामले की जांच करवाने, सत्यनारायण सदा के नाबालिग पुत्रों को सुरक्षा प्रदान करने तथा उनके भरण-पोषण की व्यवस्था करने आदि की मांग की गई है। कार्यक्रम का नेतृत्व वरिष्ठ वामपंथी नेता का. रवींद्र सिंह, सीपीआइ के अंचल मंत्री शिव सहनी, सीपीआइ के बखरी अंचल प्रभारी संजीव कुमार सिंह, एआइएसएफ के अंचल सचिव मो. शबाब, मो. अनवर, परमानंद सदा आदि कर रहे थे।

इधर थानाध्यक्ष वासुकीनाथ झा ने आरोपों को सत्य से परे बताया। उनके अनुसार, मामले में तत्परता से अनुसंधान चल रहा है। लापता सत्यनारायण की पत्नी प्राथमिकी में आरोपित नहीं हैं। फिर भी उनसे गहन पूछताछ की गई। थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले में लीपापोती की बात होती तो कायदे से यह मामला नावकोठी थाना क्षेत्र का बनता है। लेकिन चूंकि आदमी हमारे क्षेत्र का है, इसलिए बखरी पुलिस आगे जो भी जरूरी कार्रवाई होगी करेगी।

मालूम हो कि थाना क्षेत्र के अकहा गांव निवासी सत्यनारायण सदा बीते 21 अगस्त से लापता हैं। मामले में सत्यनारायण के पुत्र विकास कुमार सदा ने थाना को आवेदन देकर घर से बुलाकर पिता की हत्या कर शव को गायब कर देने का आरोप नावकोठी थाना क्षेत्र के ररिऔना गांव निवासी अरविद महतो पर लगाया था। पुत्र के मुताबिक उसके पिता को आरोपित ने फोन कर अपने मुर्गा फार्म पर बुलाया था। तब से उसके पिता घर नहीं लौटे हैं। पुत्र ने मामले में अपनी मां के संलिप्त होने की बात कही है।

Edited By: Jagran