बेगूसराय : सात निश्चय योजना के तहत अग्रिम राशि लेकर वार्ड समिति एवं सप्लायर के लापता हो जाने के कारण शाहपुर पंचायत की एक सड़क दो वर्षों से अधूरी पड़ी है। अब पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। राशि उठाव के बाद छह माह के अंदर कार्य नहीं करने पर वार्ड समिति पर प्राथमिकी दर्ज कराने का प्रावधान है। परंतु, शिकायत के बावजूद पंचायत सचिव एवं अधिकारी चुपचाप बैठे हैं। इससे ग्रामीणों में काफी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने इस संबंध में अधिकारियों को आवेदन दिया है।

क्या है मामला : दो वर्ष पहले सात निश्चय योजना के तहत शाहपुर पंचायत के वार्ड नंबर एक में मिल्की मध्य विद्यालय से पासवान टोल काली स्थान शाहपुर तक ईंट सोलिग सड़क पर पीसीसी ढलाई करनी थी। जेई द्वारा आठ लाख रुपये का एस्टीमेट बनाया गया। योजना स्वीकृत भी हो गई एवं सात लाख रुपये वार्ड क्रियान्वयन समिति के खाते में ट्रांसफर कर दी गई। राशि मिलते ही वार्ड क्रियान्वयन समिति ने पांच लाख रुपये का चेक एक तीसरे व्यक्ति सप्लायर शिव कुमार के नाम पर दिया गया। रुपये निकासी के बावजूद साल भर तक सड़क निर्माण प्रारंभ नहीं हो सका। परंतु, दो लाख का चेक बगैर काम किए ही पुन: शिवकुमार को दे दिया गया। लागत राशि का 80 प्रतिशत प्राप्त करने के बावजूद भी वेंडर शिवकुमार आज तक एक गिट्टी भी सड़क पर नहीं डाल सका है।

दो वर्ष पहले शाहपुर पंचायत की इस योजना का सात लाख एवं अमारी पंचायत के पीर नगर विद्यालय ब्रह्म स्थान वाली सड़क का 10 लाख रुपये कुल 17 लाख रुपये निकासी कर सप्लायर शिवकुमार दोनों सड़क पर एक गिट्टी तक नहीं डाले हैं। स्थानीय ग्रामीण मनोज कुमार, अरुण कुशवाहा आदि कहते हैं कि सरकारी रुपये लेकर काम नहीं कराने के बावजूद पंचायत सचिव एवं मुखिया एवं वार्ड क्रियान्वयन समिति ने लाखों रुपये का चेक पुन: शिव कुमार के नाम निर्गत किया है। जबकि सप्लायर शिवकुमार का ना तो छौड़ाही प्रखंड क्षेत्र में कोई कार्यालय है ना ही प्रतिष्ठान। वार्ड क्रियान्वयन समिति को डायरेक्ट आपूर्तिकर्ता को चेक देना था, लेकिन बिचौलिए के माध्यम से चेक देकर सरकारी राशि का गबन किया गया है जो, गंभीर मामला है।

ग्रामीणों का करना है कि छौड़ाही प्रखंड कार्यालय को इस संबंध में शिकायत की गई। मुखिया, वार्ड सदस्य, पंचायत सचिव, वार्ड समिति बैठक कर जल्द निर्माण का भरोसा दिया। जेई ने भी स्थल निरीक्षण कर प्रखंड कार्यालय में रिपोर्ट समर्पित किया, परंतु प्रखंड के अधिकारी भी नियम को ताक पर रखकर ना सड़क बनवा रहे हैं ना ही प्राथमिकी दर्ज करवा रहे हैं। इससे उनकी भी मिलीभगत परिलक्षित हो रही है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से जांच उपरांत कार्रवाई की मांग की है।

कहता है वार्ड क्रियान्वयन समिति

शाहपुर पंचायत के वार्ड नंबर- एक के वार्ड क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष सह वार्ड सदस्य रंजीत दास का कहना है कि पांच एवं दो लाख कुल सात लाख का चेक पंचायत सचिव के कहने पर शिवकुमार नामक व्यक्ति को दिया गया था। उन्होंने दो वर्ष बीतने के बावजूद अभी तक सामग्री आपूर्ति नहीं की है। इससे सड़क निर्माण प्रारंभ नहीं हो सका है। उन्होंने बताया कि सप्लायर, पंचायत सचिव, मुखिया जी सभी को कई बार कह चुके हैं। बीडीओ साहब ने भी इस संबंध में पूछताछ की थी। उन्हें सभी जानकारी दी गई है है। सड़क बनाने का आश्वासन तो सभी जगह से मिला, लेकिन निर्माण प्रारंभ नहीं हुआ है।

Edited By: Jagran