बेगूसराय : बेगूसराय पुलिस के रवैये से असंतुष्ट एक मेजर का परिवार रविवार से समाहरणालय पर आमरण अनशन करने को विवश हो गया है। मेजर के घर में विगत 20 फरवरी को भयंकर चोरी हुई थी। मेजर के परिजनों ने पुलिस को सीसी कैमरे के सारे फुटेज मुहैया करवाए, जिसमें चोरों को स्पष्ट देखा जा सकता है। परंतु, उसके बावजूद अब तक पुलिस चोरी के इस वारदात में शामिल चारों को पकड़ने और सामानों की रिकवरी करवाने में असफल रही है।

यह आरोप मेजर के परिजन व जयमंगलवा वाहिनी के संस्थापक सदस्य अवनीश कुमार ने लगाए हैं। उन्होंने 20 फरवरी 2021 को रात्रि में कुटुंब नगर इटवा वार्ड 15 निवासी राजाराम सिंह के घर भीषण चोरी के घटना को अंजाम दिया गया था। घटना के पांच माह गुजर जाने के बाद भी पुलिस सुस्त है। मुख्य अपराधी पुलिस गिरफ्त से अब तक बाहर है और अभी तक रिकवरी का सिर्फ आश्वासन ही दिया जा रहा है। अनशन को समर्थन देने पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता अमर गौतम ने पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि जब सबूत का अभाव होता है तब पुलिस यह कह सकती है कि सबूत जुटा रहे हैं। मगर जब सारे सबूत पुलिस को पीड़ितों द्वारा ही मुहैया करवाया जा चुका है उसके बाद भी इस तरह का रवैया यह साबत करता है कि पुलिस इस मामले में कार्रवाई करने से बच रही है। कुंदन कुमार ने घटना में पुलिस प्रशासन की मिलीभगत होने की शंका जाहिर की। मौके पर अंकित, भानु प्रताप, आयुष कुमार राय, बिट्टू, अंचल गौतम, सुमन, गोपाल झा, मनोज कुमार, सुंदरम आदि मौजूद थे। इनसेट

एक माह बाद भी चोरों को सुराग नहीं तलाश सकी लोहियानगर पुलिस - 3.50 नकद व 5.50 लाख के जेवरात की हुई थी चोरी

- पीड़ित दवा दुकानदार ने वरीय अधिकारियों से लगाई गुहार जागरण संवाददाता, बेगूसराय: बीते 21 जून को बाघी गिरघी टोलावार्ड 11 निवासी दवा दुकानदार स्व. रामसेवक महतो के पुत्र निरंजन कुमार उर्फ मुन्ना के सूने घर में हुई चारी की बड़ी वारदात मामले में घटना के एक माह बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। 21 जून शाम घर के सभी लोग शादी समारोह में भाग लेने तेघड़ा के मुशहरी गए थे।

21 जून की रात ही अज्ञात चोरों ने उनके घर के मुख्य प्रवेश द्वार पर लगा ताला समेत उनके कमरों को ताला तोड़ कर घर में प्रवेश किया और कमरे में रखी आलमीरा का ताला तोड़ कर 3.60 लाख नकद समेत 110 ग्राम सोने के जेवरात की चोरी कर ली। इस संबंध में पीड़ित दवा दुकानदार के बयान पर नगर कांड संख्या 390/ 21 दर्ज किया गया। लोहियानगर ओपीध्यक्ष अंबिका प्रसाद के निर्देश पर अनुसंधानकर्ता धर्मराज पाल ने पीड़ित के भतीजे को हिरासत में लेकर पूछताछ की है लेकिन चोरी का कुछ सुराग नहीं मिलने पर उसे मुक्त कर दिया गया। इस संबंध में पीड़ित ने एसपी, डीएसपी , डीआइजी को निबंधित डाक से मांगपत्र भेज कर चोरी में अपने पड़ोसियों की संलिप्तता की आशंका जताते हुए कार्रवाई की मांग की है। दवा दुकानदार के आवासीय परिसर में उनके अतिरिक्त उनके चार अन्य भाइयों को भी परिवार रहता है लेकिन चोरी की उक्त वारदात की भनक किसी को नहीं लगी। 22 जून को शादी समारोह से वापस लौटने पर उन्हें चोरी की जानकारी हुई जिसके बाद लोहियानगर ओपी पुलिस को सूचना दी गई। बताते चलें कि घटनास्थल लोहियानगर ओपी क्षेत्र सिघौल ओपी क्षेत्र की सीमा पर अवस्थित है। पड़ोस में स्थित नागदह गांव व घटनास्थल के समीप स्थित मोहल्ला पूर्व से ही अपराधियों के लिए बदनाम रहा है। पीड़ित ने चोरी में संलिप्त चोरों को सुराग तलाशने व चोरी गए नकद व जेवरात की बरामगदी की गुहार लगाई है।

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