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18 लाख के पैकेज से ब्रिटेन के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय तक, ऐसी है बेगूसराय के केशव वत्स की सफलता की कहानी

Published: Tue, 25 Aug 2026 03:33 PM (IST)

बेगूसराय के केशव वत्स का चयन ब्रिटेन के प्रतिष्ठित वारविक बिजनेस स्कूल में बिजनेस एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के लिए हुआ है।

माता-पिता के साथ केशव वत्स। सौ. स्वजन

माता-पिता के साथ केशव वत्स। सौ. स्वजन

HighLights

  1. केशव वत्स का वारविक बिजनेस स्कूल में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के लिए चयन।

  2. बिजनेस एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में करेंगे उच्च शिक्षा प्राप्त।

  3. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बेगूसराय का नाम किया रोशन।

मो. खालिद, बेगूसराय। बीहट के गुरुदासपुर टोला से निकलकर केशव वत्स ने अपनी मेधा और मेहनत के दम पर ब्रिटेन तक बेगूसराय का नाम रोशन किया है।

केशव का चयन ब्रिटेन के प्रतिष्ठित वारविक विश्वविद्यालय के वारविक बिजनेस स्कूल (Warwick Business School-WBS) में बिजनेस एनालिटिक्स एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के लिए हुआ है।

सितंबर 2026 से शुरू होने वाला यह पाठ्यक्रम विश्व के शीर्ष 10 और यूरोप के शीर्ष तीन बिजनेस एनालिटिक्स पाठ्यक्रमों में शामिल बताया जाता है।

बचपन से ही मेधा की पहचान

केशव ने 10वीं में 97 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उन्होंने क्षेत्रीय गणित ओलंपियाड और अंतरराष्ट्रीय जूनियर विज्ञान ओलंपियाड जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में सफलता हासिल की।

राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा में राज्य स्तर पर चौथा स्थान प्राप्त करने के साथ ही राष्ट्रीय स्तर की विज्ञान प्रतिभा खोज परीक्षा में भी सफलता हासिल की। रेसोस्टार्ट और टैलेंटेक्स जैसी प्रतियोगिताओं में शीर्ष 20 में स्थान बनाया।

संयुक्त प्रवेश परीक्षा में 98 प्रतिशत अंक और वर्ष 2021 की राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में 604 अंक प्राप्त किए।

इसके बाद केशव ने मुंबई स्थित टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) से विश्लेषण एवं सतत विकास अध्ययन में चार वर्षीय स्नातक शिक्षा पूरी की।

यहां उन्होंने डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एनालिटिक्स और सतत विकास के क्षेत्रों में अपनी समझ को मजबूत किया।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर नेतृत्व की पहचान

केशव की उपलब्धियों में वर्ष 2025 में कुआलालंपुर, मलेशिया में आयोजित एशिया पैसिफिक लीडर्स समिट में भागीदारी भी महत्वपूर्ण है।

वैश्विक चुनौतियों और संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों पर केंद्रित इस मंच पर भागीदारी के बाद उन्हें एशिया पैसिफिक लीडर्स एंबेसडर 2025 के रूप में सम्मानित किया गया।

शोध से लेकर बहुराष्ट्रीय कंपनी तक अनुभव

केशव ने शोध और अकादमिक सम्मेलनों में भी अपनी पहचान बनाई है। आइआइटी बांबे और आइआइटी कानपुर के सहयोग से आयोजित संकेत सम्मेलन में उन्होंने शोध प्रस्तुत किया और शोध प्रस्तुति के लिए सम्मान प्राप्त किया।

उत्तराखंड में आयोजित विश्व आपदा प्रबंधन शिखर सम्मेलन में आपदा एवं बाढ़ पूर्वानुमान से जुड़े विषय पर भी शोध प्रस्तुत किया।

तकनीकी क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने एचसीएलटेक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस से जुड़े प्रोजेक्ट पर काम किया। प्रदर्शन के आधार पर उन्हें करीब 18 लाख रुपये वार्षिक का नियुक्ति-पूर्व प्रस्ताव मिला।

इंपीरियल को छोड़ चुना वारविक

उच्च शिक्षा के लिए केशव को लंदन स्थित इंपीरियल बिजनेस स्कूल से भी प्रवेश का अवसर मिला था, लेकिन उन्होंने वारविक को चुना।

बिजनेस एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में संस्थान की प्रतिष्ठा के साथ छात्रवृत्ति और आर्थिक सहायता भी उनके निर्णय का आधार बनी।

परिवार में शिक्षा और उपलब्धियों की विरासत

केशव के पिता मनोज कुमार रेलवे क्षेत्र में संवेदक हैं, जबकि माता रीमा शर्मा गृहिणी हैं। दादा देव नंदन सिंह पहलवान एवं संवेदक रहे हैं।

दादी स्व. सुशीला देवी सरकारी विद्यालय में शिक्षिका थीं। नाना स्व. रामानंद शर्मा जिला शिक्षा पदाधिकारी के पद पर रहे थे।

बीहट से ब्रिटेन तक पहुंचे केशव अब आंकड़ों और तकनीक की दुनिया में अपनी विशेषज्ञता को नई ऊंचाई देने की तैयारी में हैं।