बेगूसराय : पिछले साल मानसून की बारिश के दौरान बूढ़ी गंडक नदी पर बने तटबंध के बाएं और दाएं भाग में कई जगहों पर रिसाव और कटाव एक माह तक होता रहा। इसका कारण है तटबंध के दोनों बगल उगे घने जंगल-झाड़ी और उसके बीच चूहा आदि जानवरों के खोह। विगत दो दिनों से मानसूनी बारिश जम कर हो रही है। तटबंध के बगल के लोगों कहते हैं कि देखिए गहरा रेनकट, जानवर का खोह। अभी इसे बंद नहीं किया तो यही तबाही का कारण बनेगा।

तटबंध पर जंगल का साम्राज्य

जिले में अपने 56 किलोमीटर के बहाव क्षेत्र खोदावंदपुर, चेरिया बरियारपुर, नावकोठी, बेगूसराय सदर, वीरपुर, भगवानपुर और बखरी, डंडारी, बलिया प्रखंड के 15 किलोमीटर तटबंध को छोड़ तमाम जगहों पर बूढी गंडक के बाएं एवं दाएं तटबंध में लंबी झाड़ियां उगी है। इन झाड़ियों का फायदा उठा इसमें चूहा, गोह, शाही आदि जानवर तटबंध के आर पार सुरंग बना लिए हैं।

बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल द्वारा तटबंध की साफ-सफाई के लिए पहले गैंग कुली रख तटबंध के रेनकट, जंगल-झाडी़, सुरंग से मुक्त बनाया जाता था, जो हमेशा अपने साथ छिट्टा कुदाल लेकर तटबंध पर सालोभर घूमते रहते थे। जंगल साफ करने के अलावा रेनकट, सुराख को भी बंद करते थे। अब गैंग कुली तटबंध पर नजर नहीं आते हैं। इनके बदले डंडा धारी होमगार्ड के जवान तटबंध पर प्रतिनियुक्त हैं।

कहते हैं सिविल प्रशासन के अधिकारी

अनुमंडल के चेरिया बरियारपुर एवं खोदावंदपुर अंचल के अधीन इन तटबंध एवं बाढ़ पूर्व तैयारी के संबंध में बात करने पर दोनों अंचल के अंचलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ पूर्व तैयारियां प्रारंभ कर दी गई है। फ्लड कंट्रोल विभाग रोसड़ा के साथ समन्वय बना तटबंध सुरक्षात्मक उपाय के साथ-साथ संभावित बाढ़ आपदा से निबटने के लिए तैयारियां प्रारंभ कर दी गई है। तटबंध की स्थिति की रिपोर्ट भी लगातार भेजी जा रही है।

Edited By: Jagran