बेगूसराय। उप मुख्यमंत्री सह जिला के प्रभारी मंत्री रेणु देवी ने कहा कि राज्य सरकार आपदा से प्रभावित व्यक्तियों को हर संभव मदद मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का हमेशा प्रयास रहा है कि आपदा प्रभावित व्यक्तियों को सभी निर्धारित सहायता ससमय उपलब्ध करा दी जाए, ताकि उन्हें सामान्य जीवन प्रारंभ करने में अधिक वक्त नहीं लगे। वे मंगलवार को समाहरणालय स्थित कारगिल विजय भवन में बाढ़, अतिवृष्टि एवं अन्य आपदाओं से संबंधित राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रही थीं।

जिला प्रशासन के कार्यों की सराहना की : बैठक के दौरान बाढ़ प्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन के कार्यों की उन्होंने सराहना की। उन्होंने कहा कि गंगा नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि के कारण उत्पन्न परिस्थितियों में राहत एवं बचाव के लिए जिला प्रशासन ने तत्परता से कदम उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जनवरी 2021 से ही बाढ़ प्रबंधन की दिशा में कार्य प्रारंभ कर दिए थे। जिसके कारण ससमय आवश्यक तैयारी हुई और जान-माल की काफी कम क्षति हुई। उप मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार के निर्देश के आलोक में जिला प्रशासन बाढ़ एवं अतिवृष्टि से प्रभावित लोगों विशेष तौर पर फसल क्षति के कारण प्रभावित हुए व्यक्तियों को राहत प्रदान करने के लिए प्रयासरत है। अविलंब पूर्ण करें जीआर भुगतान का लंबित कार्य

बैठक में बाढ़ व अतिवृष्टि से संबंधित राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा के क्रम में उन्होंने जीआर भुगतान से संबंधित लंबित कार्यों को अविलंब पूर्ण करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। इसके अलावा क्षतिग्रस्त सड़कों एवं पुल-पुलिया को भी शीघ्र मोटरेबल बनाने का भी निर्देश दिया। बाढ़ के कारण आंगनबाड़ी केंद्र, विद्यालय से जुड़ी अवसंरचनात्मक ढांचा एवं फसल क्षति से संबंधित प्रतिवेदन को और भी विस्तार से तैयार करने का निर्देश उन्होंने दिया। उप मुख्यमंत्री ने अनुग्रह राशि भुगतान से संबंधित सूची विधायकों को भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

4150.23 लाख रुपये फसल क्षति का आकलन : बैठक में डीएम अरविद कुमार वर्मा ने कहा कि वर्ष 2021 में बाढ़ व अतिवृष्टि से कुल 13 प्रखंड प्रभावित हुए है। इन प्रखंडों की कुल 94 पंचायत पूर्ण रूप से तथा 23 पंचायत आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं। जानकारी दी कि बाढ़ व अतिवृष्टि के कारण कृषि योग्य कुल 27 हजार 244 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित हुआ है। जिसमें 4150.23 लाख रुपये के फसल क्षति का आकलन किया गया है। जानकारी दी कि बाढ़ के कारण कुल 03 लाख 47 हजार 200 व्यक्ति एवं 59 हजार 610 पशु प्रभावित हुए हैं। बाढ़ व अतिवृष्टि से 90 कच्चा मकान आंशिक रूप से तथा 01 पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है। वहीं 10 पक्का मकान आंशिक रूप से तथा 02 पक्का मकान पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है। उन्होंने कहा कि इस दौरान 130 झोपड़ी तथा 20 पशु शेड की भी क्षति हुई है। बाढ़ के दौरान दो व्यक्ति एवं 28 पशुओं की असामयिक मौत हुई है। डीएम ने कहा कि मृत पशु से संबंधित अभिलेखों को स्वीकृत कर संबंधित अंचलाधिकारी को अनुदान भुगतान के लिए भेज दिया गया है।

1480184 व्यक्तियों को उपलब्ध कराया गया भोजन : बैठक में डीएम ने कहा कि बाढ़ के दौरान 174 सामुदायिक रसोई का संचालन कर 14 लाख 80 हजार 184 व्यक्तियों को भोजन उपलब्ध कराया गया। संचालित कुल सात बाढ़ राहत आपदा केंद्र में 2477 निष्क्रमित व्यक्तियों को आवश्यक सुविधा मुहैया कराई गई। आवागमन के लिए 341 नावों का परिचालन किया गया। 63 स्वास्थ्य केंद्र संचालित कर 25 हजार 646 व्यक्तियों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराया गया। सात पशु कैंप के जरिए 9411 पशुओं का उपचार किया गया। जानकारी दी कि जीआर वितरण के तहत अब तक 56 हजार 916 परिवार को निर्धारित छह हजार रुपये की दर से 34 करोड़ 15 लाख 14 हजार रुपये का वितरण किया जा चुका है, शेष के लिए प्रक्रिया जारी है। इस दौरान उन्होंने सड़क एवं पुल-पुलिया के मरम्मत के लिए किए जा रहे कार्यों की भी विस्तार से जानकारी दी। साथ ही तटबंधों की अद्यतन स्थिति एवं संभावित बाढ़ के मद्देनजर तैयारियों को भी साझा किया।

ये भी उपस्थित : बैठक में विधायक राजकुमार सिंह, रामरतन सिंह, सूर्यकांत पासवान, कुंदन कुमार, राजवंशी महतो, सुरेंद्र मेहता, सतानंद संबुद्ध उर्फ ललन, विधान पार्षद सर्वेश कुमार, डीडीसी सुशांत कुमार, नगर आयुक्त मो. अब्दुल हामिद समेत अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

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