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बेगूसराय के चमथा में गंगा की बाढ़ का कहर, 60 हजार आबादी प्रभावित; छतों और खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर लोग

Published: Wed, 09 Sep 2026 04:52 PM (IST)

बेगूसराय के चमथा, बिशनपुर और दादुपुर पंचायतों में गंगा नदी की बाढ़ से 60 हजार लोग प्रभावित हैं। लोग घरों ...और पढ़ें

बेगूसराय के चमथा में गंगा की बाढ़ का कहर

बेगूसराय के चमथा में गंगा की बाढ़ का कहर

HighLights

  1. चमथा में गंगा बाढ़ से 60 हजार आबादी प्रभावित।

  2. लोग छतों, खुले आसमान के नीचे शरण लेने को मजबूर।

  3. प्रशासन द्वारा 21 सामुदायिक रसोई, पर भोजन नहीं पहुँच रहा।

संवाद सूत्र, चमथा (बेगूसराय)। बछवाड़ा प्रखंड की चमथा पंचायत-एक, दो, तीन, विशनपुर एवं दादुपुर में गंगा नदी की बाढ़ से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। चारों ओर पानी, डूबे घर-आंगन और बेबसी का मंजर दिखाई दे रहा है। करीब 60 हजार की आबादी बाढ़ से प्रभावित है। 

कई परिवार घरों की छतों पर शरण लिए हुए हैं, जबकि कई परिवार घर-बार छोड़कर प्लास्टिक शीट के नीचे अथवा खुले आसमान में रात गुजारने को मजबूर हैं। लोग अपना घर छोड़कर बच्चों व परिवार के साथ ऊंचे स्थान पर जा रहे हैं। 

गंगा तटीय क्षेत्रों का संपर्क लगभग भंग

पांचों पंचायतों में स्कूल, पंचायत भवन, पेट्रोल पंप, स्वास्थ्य उपकेंद्र, चमथा बाजार, उगन त्रिवेणी महाविद्यालय और एसएनएनआर कालेज परिसर तक पानी में डूबे हैं। मुख्य सड़कों और बाजार में नावें चल रही हैं। गंगा तटीय क्षेत्रों का संपर्क लगभग भंग हो चुका है। जलस्तर में थोड़ी कमी आई है, लेकिन लोगों की परेशानी बरकरार है।

बाढ़ से विस्थापित कई परिवार सीमावर्ती समस्तीपुर जिले के विद्यापतिनगर सहित अन्य ऊंचे स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित है। नवजात बच्चों के लिए दूध व जरूरी आहार जुटाना भी मुश्किल हो गया है। पशुपालकों के सामने मवेशियों को रखने और चारे का संकट है। पंचायत-दो का एपीएचसी भी जलमग्न है।

21 स्थानों पर सामुदायिक किचन चलाए जा रहे

प्रशासन की ओर से 21 स्थानों पर सामुदायिक किचन चलाए जा रहे हैं, लेकिन घरों में फंसे लोगों तक भोजन नहीं पहुंच पा रहा है। ग्रामीणों ने पैकेट बंद भोजन, स्वच्छ पानी, दूध, दवा, पर्याप्त नाव, पशुचारा और पॉलीथिन शीट उपलब्ध कराने की मांग की है।

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