बेगूसराय : जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 1869 मामलों का निष्पादन पक्षकारों की सहमति के आधार पर किया गया। जिसमें साढ़े सात करोड़ रुपये का समझौता हुआ और चार करोड़ रुपये की वसूली हुई। इससे पूर्व जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रांगणन में प्राधिकार के अध्यक्ष सह जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीजे ने कहा कि आज के दौर में लोक अदालत मामले निष्पादन के लिए रामवाण की तरह काम करती है। डीएम अरविद कुमार वर्मा ने कहा कि जिला प्रशासन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के इस कार्य के लिए हर वक्त सहयोग करने को तत्पर है। लोक अदालत द्वारा मामलों के निष्पादन से उभय पक्षों के बीच दुश्मनी समाप्त हो जाती है। वकील संघ के अध्यक्ष रामनंदन चौधरी ने कहा कि लोक अदालत समाज के अंतिम पायदान पर रहने वाले व्यक्तियों के लिए बहुत बड़ा सहारा है। जबकि सैयद मो. मंसूर आलम ने लोक अदालत से मिलने वाले लाभों की चर्चा पक्षकारों के बीच की। मंच संचालन गोपाल कुमार अधिवक्ता ने किया।

इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश राजेश कुमार, स्पेशल जज धर्मशील श्रीवास्तव, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश हबीबुल्लाह, पंकज मिश्रा, जेएम रवि रंजन, राजीव रंजन, सुनील कुमार वर्मा, धीरेंद्र कुमार पांडेय, रामजी सिंह यादव, दीपक कुमार भटनागर, ठाकुर अमन कुमार, सितेश कुमार आदि न्यायाधीश एवं जिला वकील संघ के अध्यक्ष रामनंदन चौधरी, लोक अभियोजक सैयद मो. मंसूर आलम, पूर्व लोक अभियोजक शाह इज्जुर रहमान, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सतीश कुमार झा सहित सभी बैंकों के अधिकारी उपस्थित थे।

बताते चलें कि लोक अदालत के संचालन के लिए कुल 14 अस्थायी न्यायिक पीठों एवं एक पीठ हेल्प डेस्क के रूप में बनाया गया था। जिसमें रहमान शहरयार, मनोज कुमार, मनोहर प्रसाद, धर्मशील कुमार, नूर आलम, मो. तौहीदुल अरमान अजीजी सिस्टम ऑफिसर मौजूद थे। लोक अदालत में आपराधिक व सिविल वादों के अलावा परिवार न्यायालय से जुड़े मामले, दावा वाद, बैंक ऋण, बिजली, बीएसएनएल आदि से जुड़े मामलों का निष्पादन किया गया।

मंझौल प्रतिनिधि के अनुसार : शनिवार को व्यवहार न्यायालय मंझौल मे पहली बार राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें आपराधिक एवं दीवानी विवादों के निपटारे की सुनवाई के उपरांत निष्पादन किया गया। लोगों मे इसकी जानकारी नहीं रहने के कारण मामलों मे कमी देखी गई। लोक अदालत मे अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राजीव कुमार भारती, न्यायिक दंडाधिकारी योगेश कुमार मिश्रा एवं अधिवक्ता अरविद कुमार सिंह की पीठ सुनवाई कर रही थी। पीठ के लिपिक कमलेश कुमार झा ने बताया कि अदालत में 15 विवादों का निपटारा किया गया।

Posted By: Jagran

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