बेगूसराय। राष्ट्रकवि दिनकर स्मृति विकास समिति के तत्वावधान में प्रोग्रेसिव सेंट्रल स्कूल, सिमरिया के परिसर में सात दिवसीय दिनकर जयंती कार्यक्रम के तीसरे दिन सोमवार को सिमरिया के दो विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किया गया। समारोह में मुख्य वक्ता जनपद के वरिष्ठ रंगकर्मी एवं साहित्यकार अनिल पतंग ने कहा कि सिमरिया के बच्चों पर दिनकर का प्रभाव है। दिनकर बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उनसे प्रेरणा लेने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि दिनकर ने हमेशा जाति-पाति का विरोध किया। वर्तमान समय में देश में जातीय जनगणना शुरू है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। दिनकर ने किसानों की पीड़ा को अपनी रचनाओं में लिखा। आज भी किसानों की हालत नहीं सुधरी है। कार्यक्रम की अध्यक्षता दिनकर पुस्तकालय के अध्यक्ष विश्वंभर प्रसाद सिंह ने की। संचालन युवा कवि विनोद बिहारी ने किया। युवा कवि विनोद बिहारी ने दिनकर की कविता रात यूं कहने लगा मुझसे गगन का चांद.. सुनाकर खूब वाहवाही बटोरी। समिति के कोषाध्यक्ष रामनाथ सिंह ने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है कि दिनकर की रचनाओं को हमारी भावी पीढ़ी आत्मसात करे। समारोह को उपाध्यक्ष प्रवीण प्रियदर्शी, कोषाध्यक्ष रामनाथ सिंह, पूर्व मुखिया कृष्ण कुमार शर्मा, लक्ष्मणदेव कुमार, संयुक्त सचिव एके मनीष, संजीव फिरोज आदि ने संबोधित किया। मंचासीन अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरूआत की। वहीं दिनकर के तैल चित्र पर माल्यार्पण किया गया। वहीं स्कूल के बच्चों ने स्वागत गान प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया। अतिथियों का स्वागत स्कूल के निदेशक मनीष कुमार मणि ने किया। वैष्णवी, अंजली, रिया, कनक, समीर, प्रियांशु, लाडली, अंकित, भव्या, पल्लवी, अनामिका सहित कुल 20 बच्चों ने दिनकर की कविता का पाठ किया। मौके पर विद्यालय के शिक्षक राजेश कुमार मिश्रा, दीपक कुमार, सुष्मिता, बबली, सरिता, कन्हैया झा सहित गांव के गणमान्य बुद्धिजीवियों एवं अभिभावक मौजूद थे। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में अद्यतन दिनकर इंटरनेशनल स्कूल में दिनकर जयंती समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कवि आनंद शंकर ने कहा कि दिनकर की कविताओं में ओज व क्रांति है। दिनकर के व्यक्तित्व व कृतित्व से प्रेरणा लेने की जरूरत है। कार्यक्रम का संचालन स्कूल के शिक्षक चिटू कुमार ने किया। मौके पर स्कूली बच्चों ने दिनकर की कविताओं का सस्वर पाठ किया।

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