जिस शिक्षक का जवाब आ ही नहीं सकता, उन्हीं से विभाग ने मांग लिया स्पष्टीकरण; बेगूसराय का अजीबोगरीब मामला
शिक्षा विभाग ने गढ़पुरा के एक मृत शिक्षक रामानुज शर्मा से प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने पर स्पष्टीकरण मांगा है। यह ...और पढ़ें

तीन महीना पहले मृत शिक्षक से विभाग ने मांगा स्पष्टीकरण।
HighLights
मृत शिक्षक रामानुज शर्मा से विभाग ने मांगा स्पष्टीकरण।
तीन महीने पहले हो चुका था शिक्षक का निधन।
विभागीय अभिलेखों के अद्यतन पर उठे गंभीर सवाल।
संवाद सूत्र, गढ़पुरा (बेगूसराय)। गढ़पुरा मध्य विद्यालय के जिस शिक्षक का निधन करीब तीन महीने पहले हो चुका है, विभाग ने उन्हें प्रशिक्षण से अनुपस्थित बताते हुए स्पष्टीकरण मांग लिया।
15 अक्टूबर को जारी पत्र में तत्कालीन प्रभारी प्रधानाध्यापक रामानुज शर्मा से जवाब मांगा गया, जबकि उनका निधन 21 जुलाई को ही हो गया था।
मामला जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), बेगूसराय में 12 से 16 अक्टूबर तक आयोजित आवासीय प्रशिक्षण से जुड़ा है।
डीईओ ने दिया स्पष्टीकरण का आदेश
प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों की सूची तैयार की गई थी। इसी सूची में रामानुज शर्मा का नाम भी शामिल कर लिया गया। इसके आधार पर DEO कुमार अनुभव ने उन्हें स्पष्टीकरण देने का निर्देश जारी कर दिया।
शिक्षक के निधन के बाद भी उनके नाम पर पत्र जारी होने से विभागीय अभिलेखों के अद्यतन और सूची तैयार करने की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
प्रशिक्षण में अनुपस्थित शिक्षकों की सूची बनाने से पहले संबंधित विद्यालय से जानकारी का सत्यापन क्यों नहीं किया गया, यह भी सवालों के घेरे में है।
जिला को भेजी गई थी सूचना
इस मामले में प्रभारी बीईओ गोविंद कुमार ने बताया कि मध्य विद्यालय, गढ़पुरा के प्रभारी प्रधानाध्यापक रामानुज शर्मा की असामयिक मृत्यु के बाद जिला को इसकी प्रतिलिपि भेज दी गई थी।
ऐसे में सवाल उठता है कि सूचना भेजे जाने के बावजूद जिला स्तर पर तैयार सूची में उनका नाम कैसे शामिल रह गया। इससे किरकिरी हो रही है।
मृत शिक्षक से स्पष्टीकरण मांगने का यह मामला विभागीय स्तर पर सूचना के आदान-प्रदान और अभिलेखों के सत्यापन की व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। अब देखना होगा कि विभाग इस चूक की समीक्षा कर जिम्मेदारी तय करने के लिए क्या कदम उठाता है।
