बेगूसराय में 256 करोड़ का 4.8 KM लंबे फ्लाईओवर तैयार, फिर भी नहीं दौड़ रहे वाहन; कहां अटका काम?
बेगूसराय में NH-31 पर 256 करोड़ की लागत से बना 4.8 किमी लंबा फ्लाईओवर जुलाई 2026 की निर्धारित समय-सीमा के बाद भी चालू नहीं हो सका है।

बेगूसराय में फ्लाईओवर पर कब शुरू होगा परिचालन। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
बेगूसराय NH-31 पर 256 करोड़ का फ्लाईओवर तैयार।
जुलाई 2026 की निर्धारित समय-सीमा के बाद भी चालू नहीं।
शहर को जाम से मुक्ति दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
जागरण संवाददाता, बेगूसराय। सुलभ आवागमन और जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए शहर में एनएच-31 पर फोरलेन निर्माण के बाद कपस्या से ट्रैफिक चौक तक फोरलेन फ्लाईओवर का निर्माण शुरू किया गया था।
बाद में स्थानीय लोगों की मांग पर एनएच-31 पर बनने वाले इस फोरलेन फ्लाईओवर की लंबाई बढ़ाकर जेल गेट के समीप तक कर दी गई।
परियोजना के कार्य को पूरा करने की संभावित तिथि जुलाई 2026 निर्धारित की गई थी। हालांकि, निर्धारित समय-सीमा के करीब एक माह बाद भी फ्लाईओवर पर परिचालन शुरू नहीं हो सका है।
परियोजना का अधिकांश काम पूरा
हालांकि, परियोजना का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य को पूरा करने में एजेंसी जुटी हुई है। अधिकारियों के अनुसार, निर्माण कार्य पूरा होने के बाद फ्लाईओवर पर परिचालन शुरू होने से शहर में जाम की समस्या काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
बताते चलें कि 27 जून 2022 को 255.99 करोड़ रुपये की लागत से 4.225 किलोमीटर लंबे फोरलेन फ्लाईओवर का निर्माण शुरू किया गया था।
परियोजना के प्रथम चरण का निर्माण कार्य पूरा करने की अंतिम तिथि 23 दिसंबर 2024 निर्धारित की गई थी। बाद में परियोजना की लंबाई 664.4 मीटर बढ़ाकर ट्रैफिक चौक से जेल गेट के समीप तक कर दी गई।
इसके बाद पूरी परियोजना को पूरा करने की संभावित तिथि जुलाई 2026 निर्धारित की गई।
फ्लाईओवर शुरू होने से कम होगा शहर का जाम
शहर के बीचोबीच बन रहे इस फ्लाईओवर के चालू होने से पटना और मुजफ्फरपुर की ओर से आने वाले तथा खगड़िया, पूर्णिया, कटिहार और मुंगेर की दिशा में जाने वाले मालवाहक और अन्य बड़े वाहनों को शहर के व्यस्त हिस्से से गुजरने की जरूरत नहीं होगी। इससे शहर में जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है।
दरअसल, जिले का बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन भी एनएच-31 पर बने फोरलेन से सटा हुआ है। इस कारण फोरलेन बनने के बाद भी इन इलाकों में वाहनों और यात्रियों की भीड़ बनी रहती है।
पटना, मुजफ्फरपुर समेत अन्य स्थानों से आने वाले वाहनों के लिए बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के समीप ही अस्थायी पड़ाव रहता है। इससे इस क्षेत्र में जाम की समस्या और बढ़ जाती है।
फ्लाईओवर पर परिचालन शुरू होने के बाद शहर के भीतर वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है। इससे जाम की समस्या के साथ सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आ सकती है।
परियोजना की नई समय-सीमा को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं
फ्लाईओवर का निर्माण निर्धारित समय-सीमा के बाद भी पूरा नहीं होने के कारण अब इसके चालू होने की नई संभावित तिथि को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
इस संबंध में जानकारी लेने के लिए परियोजना के लाइजनिंग ऑफिसर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
