बेगूसराय, जागरण संवाददाता। ग्रामीण बैंक बछवाड़ा में एकदिवसीय बैंक हड़ताल को सफल बनाने को लेकर गुरुवार को बैंक कर्मियों की बैठक आयोजित की गई। ग्रामीण बैंक बछवाड़ा के सहायक प्रबंधक सह दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक आफिसर्स एसोसिएशन, बेगूसराय के क्षेत्रीय सचिव अमरेश कुमार ने कहा कि भारत सरकार ग्रामीण बैंक का निजीकरण करना चाहती है। यह जनहित के खिलाफ है।

आल इंडिया रीजनल रूरल बैंक एंप्लाइज एसोसिएशन के आह्वान पर देश भर की ग्रामीण बैंकों के 70 हजार से ज्यादा कर्मी हड़ताल पर रहेंगे। भारत सरकार ने ग्रामीण बैंकों को अपनी वैधानिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कैपिटल जुटाने एवं शेयर बाजार के माध्यम से आइपीओ लाकर पूंजी जुटाने के निर्देश जारी किए गए हैं।

बैठक में मौजूद रहे कई बैंक कर्मचारी

22 जुलाई को समस्त ग्रामीण बैंक के प्रधान कार्यालय पर एकदिवसीय धरना तथा 12 अगस्त को दिल्ली जंतर मंतर में धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया था। उन्होंने कहा कि एकदिवसीय हड़ताल में मुख्य मांग दैनिक वेतन पर कार्य कर रहे अस्थाई कर्मचारियों का नियमतिकरण, मृतक आश्रित सेवा योजना को वर्ष 2014 से लागू करने, नई पेंशन योजना को वापस लेने, बैंकिंग पेंशन नियम वर्ष 1993 को ग्रामीण बैंकों में वर्ष 1993 से प्रभावी करने, सेवा शर्तों एवं प्रमोशन नीति को बैंकिंग उद्योग अनुसार समान रूप से लागू करने की मांगें शामिल है। मौके पर बैंक के कई कर्मी मौजूद थे।

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Edited By: Umesh Kumar