संकल्प से बदली ‘भूतबंगला’ की सूरत, बेगूसराय के इस स्कूल की कैसे निखर गई तस्वीर
बलिया के प्रोजेक्ट गर्ल्स हाई स्कूल की प्रधानाध्यापिका अर्चना कुमारी को उत्कृष्ट कार्य के लिए जिला प्रशासन ने सम्मानित किया ...और पढ़ें

अर्चना कुमारी को प्रशस्ति पत्र देते जिला शिक्षा पदाधिकारी।
HighLights
प्रधानाध्यापिका अर्चना कुमारी को जिला प्रशासन ने किया सम्मानित।
जर्जर 'भूतबंगला' स्कूल को एक हजार छात्राओं का केंद्र बनाया।
विद्यालय भवन, सुविधाओं में सुधार कर शिक्षा का स्तर बढ़ाया।
संवाद सहयोगी, बलिया (बेगूसराय)। बलिया नगर स्थित प्रोजेक्ट गर्ल्स हाई स्कूल की प्रधानाध्यापिका अर्चना कुमारी को स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर उत्कृष्ट कार्य के लिए जिला प्रशासन ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
कभी भूतबंगला के नाम से चर्चित और छात्राओं से खाली रहने वाला यह विद्यालय आज एक हजार से अधिक छात्राओं की शिक्षा का केंद्र बन गया है।
इस बदलाव में प्रधानाध्यापिका की मेहनत, जनप्रतिनिधियों के सहयोग और विद्यालय परिवार की भूमिका अहम रही है।
भवन से पढ़ाई तक बदली तस्वीर
कुछ वर्ष पहले विद्यालय का भवन पूरी तरह जर्जर था और यहां एक भी छात्रा नामांकित नहीं थी। एचएम अर्चना कुमारी ने चुनौती स्वीकार करते हुए जर्जर भवन को तुड़वाया और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से दो नए कमरों का निर्माण कराया।
फिलवक्त विद्यालय में दस कमरों में छह उपलब्ध जबकि चार निर्माणाधीन हैं। विद्यालय की चहारदीवारी का आधा हिस्सा जनप्रतिनिधियों के सहयोग और शेष अपनी व्यवस्था से दुरुस्त कराया गया।
इससे विद्यालय सुरक्षित और व्यवस्थित हुआ। इसके बाद स्कूल में सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया गया। कंप्यूटर लैब, बेंच-डेस्क और विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता के साथ छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक माहौल दिया जा रहा है।
छात्राओं से मित्रवत व्यवहार कर उनमें पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
सम्मान को स्कूल परिवार को किया समर्पित
डीईओ मनोज कुमार ने सम्मानित करते हुए कहा कि प्रशासनिक और रचनात्मक कार्य करने वाले शिक्षक समाज के लिए प्रेरणा हैं।
अर्चना कुमारी ने जर्जर विद्यालय को नया जीवन दिया है और उनका सम्मान समर्पण का प्रतीक है। जिला प्रशासन आगे भी सहयोग करेगा।
सम्मान मिलने पर अर्चना कुमारी ने कहा कि यह सम्मान पूरे विद्यालय परिवार, जनप्रतिनिधियों और नगरवासियों का है। उन्होंने कहा कि अभी कई कार्य बाकी हैं।
उनका लक्ष्य विद्यालय को जिले का नंबर-एक बालिका विद्यालय बनाना है। जिला प्रशासन ने भी उनका नाम प्रशंसनीय कार्य करने वाले शिक्षकों की सूची में शामिल किया है। विद्यालय में आए बदलाव से अभिभावक और स्थानीय लोग भी खुश हैं।
