संवाद सूत्र, साहेबपुर कमाल : योग एवं आयुर्वेद आज के युग की प्रासंगिकता है। आज के दूषित वातावरण से बच पाना संभव नहीं है। क्योंकि हमने प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कर अनेक व्याधियों को आमंत्रण दिया है। आयुर्वेद को अपनाकर दीर्घायु जीवन की प्राप्ति संभव है। यह बातें पतंजलि योग पीठ के आयुर्वेद शीरोमणी आचार्य बालकृष्ण जी महाराज ने रघुनाथपुर मध्य विद्यालय परिसर में आयोजित 'दर्शन एवं मार्गदर्शन' कार्यक्रम को शुक्रवार को संबोधित करते हुए कही।

कहा, अगर इन प्राचीन विधाओं को देश का हर नागरिक अपने दैनिक जीवन में अंगीकार करें तो उनकी व्याधियां ही दूर नहीं होगी, वरन भारत फिरसे विश्व गुरु की उपाधि प्राप्त कर लेगा। बोले, यहां के वासी योग एवं आयुर्वेद पद्धति से आज भी काफी दूर हैं और विदेशी इसे अपनाकर व्याधियों से निजात पाने में कामयाब हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि 80 प्रतिशत बीमारियां अनियमित दिनचर्या, खानपान एवं शारीरिक परिश्रम के अभाव में हो रही है। अगर नियमित योग एवं प्राणायाम अपनाया जाए तो अस्पताल जाने की आवश्यकता ही नहीं रहेगी। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को खाली पेट में तांबे में रखा जल पीने, तुलसी पत्ता को चबाने, खाने के एक घंटे बाद जल पीने, भोजन एवं जल में तुलसी पत्र मिलाकर ग्रहण करने, तुलसी का पौधा आंगन में अवश्य लगाने की सलाह दी। कहा, आंगन में तुलसी का पौधा लगाने से वास्तुदोष दूर होता है। हल्की मेथी एवं सौंप का चूर्ण गठिया जैसी बीमारी में रामबाण है।

कार्यक्रम के पूर्व आचार्य बालकृष्ण रघुनाथपुर निवासी पतंजलि योग पीठ के रजिस्ट्रार जवाहर ठाकुर की पत्‍‌नी शीला ठाकुर के श्राद्धकर्म में शामिल हुए।

इस मौके पर भाजपा के राष्ट्रीय नेता सह विधान पार्षद रजनीश कुमार, जिप सदस्य बलराम सिंह, पतंजलि के राज्य प्रभारी अरुणेश कुमार, पतंजलि के वरीय सदस्य व प्रसिद्ध व्यवसायी एवं कार्यक्रम के आयोजकों में से एक समाजसेवी शंभू कुमार, आर्यभट्ट के निदेशक प्रो.अशोक कुमार सिंह अमर, विकास विद्यालय के निदेशक राजकिशोर सिंह, रघुनाथपुर करारी की मुखिया कृष्णा देवी, गोरेलाल यादव, सियाराम यादव, अर्जुन ठाकुर आदि मौजूद थे।