बांका [जेएनएन]। बिहार के बांका जिले के ऊपरी नीमा गांव के बाद अब नक्सल प्रभावित कटियारी पंचायत के कुडजोर वार्ड-13 के लोगों ने भी मिसाल पेश की है। गांव के आदिवासी समाज के युवाओं ने सोमवार की रात में बैठक कर सड़क निर्माण का फैसला लिया और मंगलवार की सुबह 500 लोग कुदाल लेकर निकल पड़े और देखते ही देखते एक किलोमीटर लंबी कामचलाऊ कच्ची सड़क बना दी। इस दौरान गांव की महिलाओं, पुरुषों और बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था।

गांव में रहने वाले लोग प्रखंड मुख्यालय के संपर्क पथ तक पहुंचने के लिए पगडंडी का सहारा लेते थे। बरसात में गांव प्रवेश करना आम लोगों के लिए दूभर हो जाता था। कई बार गांव में सड़क बनाने की बात भी सामने आई। मगर सरकारी जमीन का अभाव सड़क निर्माण के रास्ते में रोड़ा बनता रहा।

ग्रामीणों ने पंचायत के मुखिया पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस गांव से वोट नहीं पडऩे के कारण मुखिया की नजर इधर नहीं है। ऐसे में गांव के कुछ शिक्षित युवाओं को यह बात खटकने लगी कि इस आधुनिक युग में गांव तक मोटरसाइकिल नहीं आ पाना गांव के लिए दुर्भाग्य की बात है।

सोमवार रात गांव में एक चौपाल लगी जिसमें ग्रामीणों ने खुद से गांव तक सड़क बनाने का निर्णय लिया। इस उत्साह को देखकर जमीन मालिक बबलू मुर्मू, चरण मुर्मू, राजू मुर्मू, मंगल हांसदा, शिवलाल हांसदा, सोनालाल हांसदा ने अपने हिस्से की जमीन तक सड़क में दान देने के लिए उठ खड़े हो गए।

सुबह होते ही लगभग पांच सौ की संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे फावड़ा और कुदाल लेकर सड़क बनाने में जुट गए। वहीं, गांव के मुखिया गुल्टी हेंब्रम का कहना है कि सरकारी जमीन नहीं रहने के कारण सड़क नहीं बन रही थी। अब इसका पक्कीकरण किया जाएगा।

By Ravi Ranjan