बांका। नदियों की सौगात के बीच भी अपनी प्यास बुझाने के लिए जिले की पूरी आबादी भूजल स्तर पर ही निर्भर है। लेकिन बालू खनन के नाम पर यहां की नदियों के हो रहे दोहन एवं पोखर, तालाब व कुएं के अस्तित्व के खात्मे ने यहां के भूजल स्तर को पाताल पहुंचा दिया है। 11 प्रखंड वाले इस जिले में गर्मी के आगाज के साथ ही एक सौ से अधिक इलाकों का भूजल स्तर 15 से 45 फीसद तक नीचे जा चुका है। खास कर पहाड़ी इलाके कटोरिया, चांदन, बौंसी व बेलहर में पाताल का सीना चीरने पर भी लोगों को पानी नसीब नहीं हो रहा है। जिससे यहां जल संकट की स्थिति पैदा कर दी है।

इस अनमोल प्राकृतिक संसाधन संरक्षित और संवर्धित करने के लिए जागरण की ओर से जलदान अभियान का आगाज किया गया है। इसी कड़ी में रविवार को अभ्यास मध्य विद्यालय में जागरण की ओर से जलदान कार्यक्रम का आयोजन कर स्कूली बच्चों को पानी का महत्व बताते हुए उसे जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। इसके लिए उन्हें पानी की बर्बादी रोकते हुए जलस्त्रोतों को बचाने के उपाय बताए गए। जिस पर वे खुद अमल करते हुए दूसरों को भी इसके प्रति प्रेरित कर जल संरक्षण करने का संकल्प भी दिलाया गया। मौके पर मौजूद समाजसेवी ललित किशोर कुमार ने बच्चों को बताया कि बेतरतीब तरीके से किए जा रहे जल के दोहन का प्रभाव जलस्त्रोतों पर पड़ रहा है। जिसके संरक्षण की जिम्मेदारी सभी की है। इसलिए आवश्यकता के अनुरूप जल का उपयोग करने के साथ ही उसे संचित कर भूजल स्तर बढ़ाने के भी कारगर उपाय करने की जरूरत है।

Posted By: Jagran

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